Haryana : हरियाणा के रोहतक से दिल दहलाने वाली घटना से लोग सहमे हुए हैं। टीचर जगदीप का पहले अपहरण कर दादरी के गांव पैंतावास कलां में जिंदा गाड़ दिया। टीचर जगदीप अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। मां बचपन में ही छोड़कर चली गई, जिसके बाद बुआ उन्हें रोहतक ले आई और यहीं पर पालन पोषण कर बड़ा किया।
मृतक टीचर जगदीप के ताऊ के बेटे जसवंत ने बताया कि जगदीप की शादी रोहतक में बुआ के घर से ही हुई थी। महम के पास बड़ाली गांव में उसका ससुराल है। पत्नी प्रोमिला के साथ उसका चार साल से झगड़ा चल रहा था जिसके चलते पत्नी मायके में रह रही थी।
उसकी 12 साल की एक बेटी भी है। पत्नी को पुलिस ने जगदीप की मौत के बारे में सूचित किया था। इसके बाद पत्नी पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार के मौके पर पहुंची थी। जगदीप की बेटी पिता को नहीं देख पाई। वह बचपन से ही मां के साथ रह रही है।
टीचर जगदीप का जन्म झज्जर जिले के मांडोठी गांव में हुआ। उसकी उम्र 46 साल के करीब थी। जब वह एक साल का था तभी उसकी मां छोड़कर चली गई। इसके बाद बुआ उसे अपने साथ रोहतक ले गई।
जन्म के एक साल बाद ही अलग हो गए माता-पिता
चचेरे भाई अनिल ने बताया कि जगदीप के जन्म के 1 साल बाद ही उसके माता-पिता एक-दूसरे से अलग हो गए। बिना मां के बच्चे को बुआ श्यामो देवी अपने साथ रोहतक ले गई। अब उसके पिता महेंद्र सिंह और माता निर्मला दोनों की मौत हो चुकी है। बुआ श्यामो देवी ने पढ़ा-लिखवाकर उसे नौकरी लगवाया था।
रोहतक में रहकर ही 12वीं के बाद शास्त्री की
बुआ के पास रहकर ही रोहतक में जगदीप ने पढ़ाई की। 12वीं करने के बाद उसने शास्त्री की, लेकिन कहीं नौकरी नहीं मिली। इसके चलते वह प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों में नौकरी करने लगा। ताऊ के बेटे जसवंत ने बताया कि 14 साल पहले जगदीप की शादी हुई। तब भी वह प्राइवेट नौकरी कर रहा था। बार-बार नौकरी छोड़ने के चलते पति-पत्नी में अनबन रहने लगी और पत्नी उसे छोड़कर बेटी के साथ मायके चली गई।
पहले पत्नी के साथ गांव आता रहा, फिर बंद कर दिया
शादी के बाद कई साल तक गांव मांडोठी में जगदीप पत्नी प्रोमिला के साथ आता-जाता रहा, लेकिन उसके ताऊ ईश्वर के रोहतक शिफ्ट होने के बाद से गांव में आना-जाना छूट गया। जगदीप के परिवार से ही उसके भाई अनिल ने बताया कि वह जब भी गांव में आता तो उसके पास जरूर आता था।








