Rewari Update: रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में रेवाड़ी नगर परिषद को नगर निगम का दर्जा दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई। उन्होंने यह मुद्दा पूरे तथ्यों और तर्कों के साथ जोरदार ढंग से प्रस्तुत किया, जिस पर प्रदेश के शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए भरोसा दिलाया कि नियमों के अनुरूप सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी।
जनसंख्या आंकड़ों पर उठाए सवाल

विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने सदन में कहा कि सरकार के पास मौजूद वर्तमान जनसंख्या आंकड़े वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करते। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 की जनगणना के अनुसार रेवाड़ी की जनसंख्या 1.87 लाख थी, जो अब अप्रासंगिक हो चुकी है। जो कि आठ साल पहले की सर्वे के अनुसार है। केवल शहर की वोटर लिस्ट में ही 1.15 लाख से अधिक मतदाता दर्ज हैं, और यदि इन आंकड़ों को दोगुना किया जाए, तो रेवाड़ी की वास्तविक जनसंख्या लगभग 2.30 लाख के करीब बैठती है।
नवविकसित कॉलोनियों और गांवों को भी जोड़ा गया तर्क में
विधायक ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में रेवाड़ी में 15 से अधिक बड़ी रिहायशी कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं, जिनमे किसी में दो हजार, किसी में तीन तथा किसी में पांच हजार से भी अधिक लोग वर्तमान में रह रहे हैं। अगर इन्हें भी शामिल कर दिया जाए तो रेवाड़ी की जनसंख्या तीन लाख से भी ऊपर जाती है। इसके साथ ही शहर की परिधि में आने वाले कई गांवों ने भी स्वेच्छा से रेवाड़ी नगर परिषद में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की थी। इन सभी तथ्यों को मिलाकर देखा जाए तो रेवाड़ी नगर निगम बनने की सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करता है।
सरकार का जवाब: नियमों के तहत होगा विचार
शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने विधायक की मांग पर जवाब देते हुए कहा कि नगर निगम, नगर परिषद या नगरपालिका बनाए जाने के लिए स्पष्ट नियमावली निर्धारित है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रेवाड़ी की अनुमानित जनसंख्या 2.29 लाख है। यदि आगामी जनगणना में यह आंकड़ा 3 लाख या उससे अधिक होता है, तो सरकार रेवाड़ी को नगर निगम का दर्जा देने पर निश्चित रूप से विचार करेगी।






