स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रही थीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में लोकसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार देश में औसतन 1000 की आबादी पर एक डॉक्टर उपलब्ध है।
आरती सिंह राव ने बताया कि हरियाणा मेडिकल काउंसिल के 16 दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, केवल एलोपैथिक डॉक्टरों को शामिल किया जाए तो राज्य में 1225 की आबादी पर एक डॉक्टर उपलब्ध है। वहीं आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी (AUH) पद्धति के पंजीकृत डॉक्टरों को जोड़ने पर यह अनुपात सुधरकर 819 की आबादी पर एक डॉक्टर हो गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार डॉक्टर–आबादी अनुपात को और बेहतर बनाने के लिए सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में मेडिकल शिक्षा का विस्तार कर रही है। इसके तहत नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं और एमबीबीएस सीटों में लगातार वृद्धि की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि नेशनल हेल्थ पॉलिसी 2017 और इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स के अनुसार, सरकारी स्वास्थ्य एवं मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में हर 1000 की आबादी पर कम से कम एक अस्पताल बेड उपलब्ध होना चाहिए, जबकि सरकारी, ईएसआईसी और निजी अस्पतालों सहित कुल मिलाकर हर 1000 आबादी पर दो बेड का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2014 में राज्य में जिला नागरिक अस्पताल और उपमंडल अस्पतालों की संख्या 56 थी, जो अब बढ़कर 74 हो गई है। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की संख्या भी 2014 में 109 से बढ़कर अब 122 हो चुकी है।
यह प्रगति राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।