Haryana Weather: हरियाणा में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के भिवानी, महेंद्रगढ़ और जींद में बुधवार सुबह बारिश हुई, जबकि यमुनानगर में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) चंडीगढ़ केंद्र ने पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, पलवल और मेवात जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, इन जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। साथ ही, पूरे हरियाणा में मौसम अस्थिर बना रहेगा और कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है।
बुधवार को प्रदेश के 11 जिलों में बारिश दर्ज की गई। सिरसा जिले में एक कच्चे मकान की छत गिरने से पति-पत्नी मलबे में दब गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं, रोहतक और झज्जर जिलों में बारिश के चलते खेतों में फसलें जलभराव में डूब गईं। फतेहाबाद के लघु सचिवालय स्थित SDM कोर्ट में सांप निकल आया, जबकि पंचकूला के शिवलोक मंदिर के पास तेंदुए का एक शावक देखे जाने से दहशत फैल गई।
अब तक मानसून सीजन में हरियाणा में 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 3 महिलाएं और 5 बच्चे शामिल हैं।
प्रदेश में अब तक हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार सबसे कम बारिश वाले जिले कैथल (89.3 मिमी), जींद (91.1 मिमी) और सबसे अधिक बारिश यमुनानगर (376.1 मिमी) में हुई है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि वर्तमान में मानसून की टर्फ लाइन बीकानेर, ग्वालियर, प्रयागराज, डाल्टागंज, दीघा होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके चलते बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी युक्त हवाएं हरियाणा की ओर आ रही हैं।
इसके साथ ही, राजस्थान के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र भी हरियाणा में मानसूनी गतिविधियों को बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में 18 जुलाई तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।








