Rajasthan News: राजस्थान के फलोदी में वीरता और वेदना का एक दुर्लभ संगम देखने को मिला। जहा एक ओर देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाला जवान रामचंद्र अपने गांव तिरंगे में लिपटकर लौटे और उसी दिन उसके परिवार में एक विवाह की तैयारियां भी हो रही थी।
एक तरफ भाई की अर्थी उठी तो दूसरी तरफ बहन की डोली चली। परिवार वालों का कहना है कि भाई ने कहा था वो अपनी बहन की शादी में जरूर आएगा। लेकिन, किसी को ये नहीं पता था कि वो इस तरह से आएगा। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।
जानकारी के मुताबिक, रामचंद्र गोरछिया (25) भारतीय सेना की 125 टेरिटोरियल आर्मी में सिपाही के पद पर तैनात थे और इन दिनों उनकी ड्यूटी जम्मू-कश्मीर में थी। सोमवार को देश सेवा के दौरान वे वीरगति को प्राप्त हो गए। उनके पार्थिव शरीर को बुधवार की सुबह उनके पैतृक गांव श्रीकृष्णनगर धर्मांदा टांका लाया गया। गांव के लोग भावुक थे।
चचेरी बहन की थी घर में शादी
इसी दिन रामचंद्र की चचेरी बहन (ताऊ की बेटी) की शादी भी तय की गई थी। एक ही घर से एक ओर शहीद भाई की अंतिम यात्रा निकली तो दूसरी ओर बहन की डोली उठाई गई।
खबरों की मानें, तो शहीद रामचंद्र के पिता गोपीराम गोरछिया ने बताया कि उनका बेटा कहकर गया था कि बहन की शादी में जरूर आएगा। वह आया तो जरूर लेकिन तिरंगे में लिपटा हुआ।’
वहीं उसकी बहन की शादी का कार्यक्रम अब बदलकर बहन के ननिहाल में किया जाएगा, ताकि घर पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को संपन्न कराया जा सके।
शहीद रामचंद्र का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ फलोदी-नागौर राजमार्ग के पास स्थित पैतृक भूमि पर ही किया गया।
राजस्थान के सीएम ने जताया शोक
राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा ने शोक जताया है। उन्होंने लिखा कि कर्तव्य पथ पर मां भारती की सेवा करते हुए जम्मू कश्मीर में वीरगति को प्राप्त वीर जवान रामचन्द्र गोरछिया जी की शहादत का समाचार सुनकर मन अत्यंत दुखी है।








