रेवाड़ी शहर की सनसिटी के रहने वाले धीरज कुमार ने Cyber Crime पुलिस स्टेशन में शिकायत देकर बताया है कि 15 फ़रवरी को एक अंजान नम्बर से उसके पास फोन आया था. फ़ोन करने वाले ठग ने अपना नाम रोहित बताया था. ठग ने धीरज को पॉलिसी रिन्यूवल कराने के लिए पहले अपने जाल में फंसाया और फिर 8 लाख 11 हजार 849 रूपए की नगदी बैंक खाते से साफ़ कर दी. जैसे ही धीरज को ठगी (cheated) का पता चला तो उसने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई.
आपको बता दें कि धीरज के पिता ने एक इंश्योरेंस कंपनी से पॉलिसी ली हुई है। कम्पनी का फर्जी एजेंट बनकर रोहित नाम के शातिर ठग ने उसके पास कॉल की और पिता की पॉलिसी के 5 लाख 11 हजार 849 रुपए जमा कराने के लिए कहा और धीरज के पास इंश्योरेंस कंपनी के खाता नंबर का एक लिंक भी उसके पास भेज दिया।
Table of Contents
इंश्योरेंस कंपनी से फोन आने पर ठगी का पता चला
लिंक के माध्यम से धीरज ने पैसे NEFT के जरिए ट्रांसफर करा दिए। इसके बाद शातिर ने धीरज को फिर से कॉल की और कहा कि 3 लाख रुपए प्रीमियम भी जमा कराना होगा। उसने 3 लाख रुपए भी खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसके पास इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट सुधीर की कॉल आई और दोनों पॉलिसी का प्रीमियम जमा कराने की बात की। धीरज ने बताया कि वह पिता की पॉलिसी और प्रीमियम के पैसे जमा करा चुका है। इस पर सुधीर ने उससे जानकारी जुटाई तो पता चला कि रोहित नाम का कोई एजेंट उनकी कंपनी में है ही नहीं I ठगी (cheated) के बाद धीरज ने इसकी शिकायत Cyber Crime थाना पुलिस को दी।
पुलिस ने केस दर्ज कर रेड की कार्रवाई शुरू की
इस मामले में Cyber Crime पुलिस स्टेशन रेवाड़ी ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है. जिन नम्बर के जरिये धीरज के पास फोन आया था. जिस बैंक खाते में पैसे ट्रान्सफर किये गए थे. उसके आधार पर Cyber Crime पुलिस ठग की धरपकड के लिए रेड कर रही है.






