Rewari News: पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने आमजन को साइबर अपराध की एक नई और तेजी से फैल रही ठगी की तकनीक ‘जंप्ड डिपॉजिट स्कैम’ (Jumped Deposit Scam) को लेकर सतर्क किया है। उन्होंने बताया कि साइबर ठग UPI ट्रांजेक्शन का दुरुपयोग कर लोगों की जल्दबाजी और भ्रम का फायदा उठाकर उनके बैंक खातों से बड़ी रकम हड़प रहे हैं।
क्या है ‘जंप्ड डिपॉजिट स्कैम‘ और कैसे होता है फ्रॉड
इस प्रकार के फ्रॉड में साइबर ठग पहले जानबूझकर किसी व्यक्ति के UPI खाते में 1 या 2 रुपये जैसी बहुत छोटी राशि भेजते हैं। इसके तुरंत बाद ठग फोन कॉल या मैसेज के जरिए यह कहकर संपर्क करता है कि “गलती से पैसे ट्रांसफर हो गए हैं, कृपया वापस कर दें।” जैसे ही व्यक्ति बैलेंस चेक करने या पैसे लौटाने के लिए अपना UPI ऐप खोलता है, उसी समय ठग द्वारा भेजी गई मनी रिक्वेस्ट जल्दबाजी में स्वीकार हो जाती है और PIN डालते ही खाते से बड़ी राशि ठग के खाते में ट्रांसफर हो जाती है।
UPI उपयोगकर्ताओं के लिए जरूरी सुरक्षा निर्देश
धैर्य रखें – खाते में अचानक पैसे आने पर घबराएं नहीं और तुरंत कोई कार्रवाई न करें। 30 मिनट का नियम अपनाएं – पैसे आने के बाद कम से कम 30 मिनट तक UPI ऐप न खोलें। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई पेमेंट रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें। PIN को लेकर सतर्क रहें – पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI PIN डालने की आवश्यकता नहीं होती।
ब्लॉक और रिपोर्ट करें – संदिग्ध कॉल या मैसेज करने वाले नंबर को तुरंत ब्लॉक करें। यदि गलती से ऐप खुल जाए तो सुरक्षा के तौर पर जानबूझकर गलत PIN डालें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और पब्लिक Wi-Fi पर UPI का उपयोग न करें। लेन-देन पर नजर रखें- बैंक SMS और स्टेटमेंट की नियमित जांच करते रहें।
फ्रॉड होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि किसी भी प्रकार की UPI या साइबर धोखाधड़ी होती है तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत दर्ज कराने से धनराशि सुरक्षित होने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने नागरिकों से अपील की है कि सतर्क रहें, जागरूक रहें और किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें।








