Majra AIIMS Rewari Update: राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन और राष्ट्रीय आत्मविश्वास के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है। सरकार की नीतियों ने आम नागरिक के जीवन को सरल, सुरक्षित और समृद्ध बनाने का कार्य किया है।
राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 22वें निर्माणाधीन माजरा एम्स में आयोजित प्रगति पदयात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में शिकरत की। इस दौरान उन्होंने एम्स के विभिन्न भवनों का जायजा लिया और एजेंसी व अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा- निर्देश भी दिए।
राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने कहा कि रेवाड़ी में 1600 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे नए एम्स निर्माण और संचालन से स्वास्थ्य अवसंरचना को नई मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई नए एम्स संस्थानों की सौगात देकर देश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का जाल बिछाया है।
उनके पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में अनेक नए एम्स संस्थानों की स्थापना की गई, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी के एम्स से हरियाणा के साथ-साथ सीमावर्ती राज्यों के लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही लोगों को रोजगार के अवसर भी प्रदान हुए है।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने 12 वर्षों में भारत में उल्लेखनीय प्रगति की है। एम्स निर्माण जैसी परियोजनाएं इस बदलाव की मजबूत मिसाल हैं, जिन्होंने देश के विकास को नई गति दी है। इस अवसर पर रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, कोसली के विधायक अनिल यादव, पूर्व मंत्री डा. बनवारी लाल, भाजपा जिला अध्यक्ष डा. वंदना पोपली व हुकमचंद यादव सहित गणमान्य जन मौजूद रहे।
रेजांगला पार्क में वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने माजरा एम्स और रेवाड़ी स्थित रेजांगला पार्क में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने रेजांगला पार्क में वीर शहीदों के सम्मान में स्थापित स्मारक पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी की पावन धरती का गौरव रेजांगला की वीर गाथा से जाना जा सकता है।






