APK Scam Alert: पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस की ओर से आमजन को सचेत करते हुए “8th पे कमीशन सैलरी कैलकुलेटर” के नाम पर फैल रहे साइबर फ्रॉड को लेकर विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बीते कुछ समय से 8वें वेतन आयोग को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है, जिसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी फर्जी लिंक, मैसेज व APK फाइल के माध्यम से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ठग व्हाट्सएप, टेलीग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए “सैलरी बढ़ोतरी चेक करने” के नाम पर लिंक या APK फाइल भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड व इंस्टॉल करता है, उसके मोबाइल में मालवेयर सक्रिय हो जाता है, जिससे ठग मोबाइल का एक्सेस लेकर बैंकिंग ऐप, OTP, पासवर्ड व अन्य संवेदनशील जानकारी चुरा लेते हैं और खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के साइबर अपराध में विशेष रूप से सरकारी कर्मचारी, पेंशनर्स, आर्मी/रेलवे कर्मी व केंद्रीय विभागों से जुड़े लोग निशाने पर रहते हैं। ठग लोगों की जिज्ञासा और लालच का फायदा उठाकर उन्हें जल्दी-जल्दी कार्रवाई करने के लिए मजबूर करते हैं।
रेवाड़ी पुलिस द्वारा आमजन के लिए जारी मख्य सावधानियां
किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल पर क्लिक/डाउनलोड न करें। व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया से प्राप्त फाइलों को बिना जांचे इंस्टॉल न करें। OTP, CVV, पासवर्ड, UPI PIN जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी “सरकारी अपडेट” की जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें। अनजान नंबर से आए मैसेज/कॉल पर तुरंत भरोसा न करें। स्क्रीन शेयरिंग ऐप या रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करने से बचें। हर अकाउंट के लिए अलग व मजबूत पासवर्ड रखें तथा 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें। पब्लिक Wi-Fi का उपयोग करते समय बैंकिंग लेनदेन न करें।
इन संकेतों को पहचानकर तुरंत सतर्क हो जाएं:
अनजान नंबर से आए मैसेज या कॉल, APK फाइल या संदिग्ध लिंक, गलत भाषा/स्पेलिंग वाले मैसेज, जल्दी क्लिक करने का दबाव, OTP या बैंक डिटेल मांगना, बहुत आकर्षक ऑफर या डराने वाली भाषा से रहे सतर्क।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति से गलती से ऐसी APK फाइल डाउनलोड हो जाती है, तो तुरंत इंटरनेट बंद करें, संदिग्ध ऐप हटाएं, मोबाइल स्कैन करें, बैंकिंग पासवर्ड बदलें और अपने बैंक को तुरंत सूचित करें। जरूरत पड़ने पर मोबाइल को फैक्ट्री रीसेट भी करवाया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त मोबाइल सुरक्षा के लिए “गूगल प्ले प्रोटेक्ट” ऑन रखें, “इंस्टॉल फ्रॉम अननोन सोर्सेज” विकल्प बंद रखें, केवल जरूरी ऐप्स को ही परमिशन दें तथा मोबाइल को हमेशा अपडेट रखें।
यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं। साथ ही नजदीकी थाना या साइबर थाना में भी सूचना दें और संबंधित मैसेज/लिंक के स्क्रीनशॉट सबूत के रूप में सुरक्षित रखें।
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने अपील की है कि आमजन सतर्क रहें, किसी भी लालच या भ्रामक जानकारी के झांसे में न आएं। समय पर जागरूकता और सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।


