
Rewari POCSO Case: पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, IPS द्वारा जिला रेवाड़ी के सभी थाना प्रबंधक, चौकी इंचार्ज व अनुसंधानकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए हुए हैं कि महिला विरुद्ध अपराध व POCSO ACT के तहत शिकायत का बिना किसी विलंब के शिकायत के आधार पर अभियोग अंकित करें, साथ ही महत्वपूर्ण व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पुलिस कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय में आरोपियों को दंड व पीड़ित को न्याय दिलाने का कार्य करें।
इन्हीं निर्देशों की पालना के परिणाम स्वरूप थाना खोल पुलिस द्वारा की गई उत्कृष्ट पैरवी पर नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में लोकेश गुप्ता अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट रेवाड़ी द्वारा मामले में संलिप्त युवक और उसके माता-पिता को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद और 77 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त एक अन्य युवक को भी अपहरण व POCSO ACT में पांच साल कैद और 6 हजार रुपए जुर्माना की सजा दी है।
जिले के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया था कि 10 अक्तूबर 2020 को उसकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी घर से लापता हो गई है। उसने गांव में जेसीबी पर काम करने वाले चालक जिला नूंह के गांव पपड़वास निवासी राहुल उर्फ़ मोहम्मद रिजवान पर अपहरण करने का आरोप लगाया था। जिसने उनकी नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ भी की थी। जिस कारण उन्हें संदेह था कि उसकी लड़की को रिज़वान ले गया है, जिस पर पुलिस ने थाना खोल में अपहरण का मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। इस मामले में DSP हेडक्वार्टर की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन करके आरोपी राहुल उर्फ रिजवान को गिरफ्तार कर लिया गया था।
आरोपी राहुल उर्फ रिजवान को पुलिस रिमांड पर भी लिया गया था, लेकिन उससे लड़की बरामद नहीं हो पाई थी। इसके बाद नाबालिग लड़की ने फोन पर अपने परिजनों से बात की तो पुलिस ने नाबालिग लड़की को बावल के गांव प्राणपुरा-पावटी के नजदीक खेतों से बरामद कर लिया था। नाबालिग लड़की ने बताया था कि उसे यूपी के जिला अलीगढ़ के गांव अतरौली निवासी हरी सिंह उसकी पत्नी राजवती व उसके बेटे मुकेश ने बंधक बनाकर रखा हुआ था। उसने बताया कि मुकेश ने उससे कई बार दुष्कर्म भी किया। जिसके बाद पुलिस तीनो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दायर की थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान भी दर्ज कराए। साक्ष्यों और सभी पहलुओं पर सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के एएसजे लोकेश गुप्ता ने आरोपी मुकेश, उसके पिता हरी सिंह व मां राजवती को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद और 77 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषियों को 20 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अदालत ने चौथे आरोपी राहुल उर्फ मोहम्मद रिजवान को दोषी करार देते हुए पांच साल कैद और 6 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को 5 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।