Rewari Health News: डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन तथा सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया के नेतृत्व में जिला गुणवत्ता आश्वासन इकाई द्वारा जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को दिसंबर माह तक 100 प्रतिशत गुणवत्ता प्रमाणन दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिले में वर्तमान में 124 स्वास्थ्य संस्थान कार्यरत हैं, जिनमें एक नागरिक अस्पताल, एक उप जिला अस्पताल, पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, चार शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक हुडा औषधालय, 94 आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा पांच आयुर्वेद संस्थान शामिल हैं। इनमें से 84 स्वास्थ्य संस्थान राष्ट्रीय अथवा राज्य स्तर पर प्रमाणित हो चुके हैं।
38 संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जिनमें पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुरी, भरावास, धारूहेड़ा, दहिना और बसदूदा तथा 33 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त 46 स्वास्थ्य संस्थानों को राज्य स्तरीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हो चुका है। नाहड़ ब्लॉक को आकांक्षी ब्लॉक के रूप में चयनित किया गया है। यहां उप जिला अस्पताल कोसली तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाववा ने क्रमशः 75 और 74 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य स्तरीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया है।
उप सिविल सर्जन डॉ. जोगेंद्र तंवर ने बताया कि जुलाई माह में आयुष्मान आरोग्य मंदिर अलावलपुर, निखरी, प्राणपुरा, हंसाका, बिठवाना और लाला का गुणवत्ता मूल्यांकन किया गया। इनमें अलावलपुर, निखरी और प्राणपुरा को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है। विशेष रूप से आयुष्मान आरोग्य मंदिर अलावलपुर ने 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हंसाका, बिठवाना और लाला के परिणाम शीघ्र घोषित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि हाल ही में नागरिक अस्पताल रेवाड़ी, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजीव नगर तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घीसा नगर का राज्य स्तरीय मूल्यांकन की तैयारी के लिए आंतरिक मूल्यांकन किया गया है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बावल, नाहड़, मीरपुर, खोल तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोटवास अहीर को सितंबर माह तक राज्य स्तरीय मूल्यांकन के लिए तैयार किया जा रहा है।