बुजुर्ग दंपत्ति को पुत्रवधू ने घर से बाहर निकाला

रेवाड़ी – बुजुर्ग दंपत्ति को पुत्रवधू ने घर से बाहर निकाला

बुजुर्ग दम्पत्ति को न्याय दिलाने के लिए एडवोकेट कैलाश चंद आगे आये

 

कोरोना काल हो या फिर कोई ओर संकट की घड़ी लोग ऐसे जरुरतमंद इंसानों की मदद  करके इंसानियत का फर्ज अता कर रहे है जिनसे उनका कोई रिश्ता नहीं है ..लेकिन कुछ लोग ऐसे भी है जो अपनों को ही धर –धर की ठोकरे खाने के लिए घर से निकाल देते है.

आज हम आपको एक ऐसे बुजुर्ग दंपत्ति की खबर दिखाने जा रहे है .. जिन्हें उनकी पुत्रवधू और पौत्र ने घर से बाहर निकाल दिया……

 

शहर के गौतम नगर के रहने वाले 70 वर्षीय लक्ष्मीचंद और उनकी पत्नी मिश्रो देवी के साथ जो हुआ है ..वो इंसानियत को शर्मशार करने वाला है..जिस उम्र में पुत्रवधू और पौत्र –पौत्रियों को  अपने ससुर दादा –दादी की  सेवा करनी चाहिए थी ..उस उम्र में उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया है . करीबन 15 दिनों से बुजुर्ग दम्पत्ति दिल्ली रोड स्थित शिव मंदिर में रह रहे है …जिन्हें पता चला कि एडवोकेट कैलाश चंद जरुरतमंदों की निशुल्क मदद करते है ..तो उन्होंने एडवोकेट से सम्पर्क किया ..और एडवोकेट कैलाश चंद ने बुजुर्ग दम्पत्ति को न्याय दिलाने के लिए तुरंत शिकायत लिखकर मानव अधिकारी आयोग , सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट , सी जे एम /सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण  व SDM रेवाड़ी के नाम भेजी है.

https://youtu.be/68EggKsmn7Y

बुजुर्ग दम्पत्ति का कहना है कि उसकी तीन बेटी है जो ससुराल में है , एक बेटा था जिसका स्वर्गवास हो गया / आरोप है कि    पुत्रवधु , दो पौत्र और एक पौत्री ने उनसे धोखे से सारी सम्पत्ति अपने नाम करा ली है ..और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया .  बुजुर्ग ने दिल्ली रोड स्थित एक मंदिर भी बनाया था ..जिसमें वो फिलहाल रह रहे है ..लेकिन बिमारियों के इलाज के लिए और खाने –पीने के लिए उनके पास पैसे नहीं है .. बुजुर्ग का कहना है कि उन्हें उनकी सम्पत्ति वापिस दिलाई जाए ..फिर वो उसको भले दान कर देंगे . बहराल इस मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आएगा तो हम आपको जरुर दिखायेंगे …लेकिन जिन माता –पिता की सेवा करना हमारा पहला कर्तव्य है ..जिसे हम बचपन से किताबों में पढ़ते आयें और सुनते आयें है ..जब उन्हें उम्र के अंतिम पड़ाव पर ऐसे दिन देखने पड़ते है तो वो निंदनीय है

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