रेवाड़ीसरकारी योजना

मछली पकड़ने के जाल की खरीद पर मिल रहा अनुदान

उपमंडल के तहत आने वाले गांवों के अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को सरकार द्वारा मत्स्य पालन के लिए विभिन्न मदों के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है ताकि वे स्वरोजगार शुरू करके आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सके।

मत्स्य विभाग की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए एसडीएम होशियार सिंह ने बताया कि अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को विभिन्न मदों में अनुदान राशि प्रदान की जाती है। अधिसूचित जल की नीलामी राशि पर वित्तीय सहायता के रूप में चार लाख रूपए की अधिकतम सीमा के साथ वास्तविक नीलामी की राशि का 25 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि मत्स्य बीज, खाद व दवाइयों पर अनुदान के रूप में लाभार्थी को डेढ़ लाख रूपए, एक हैक्टेयर खर्च में 60 प्रतिशत की दर से धनराशि 90 हजार रूपए प्रति हैक्टेयर के हिसाब से अनुदान प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मछली पकडऩे के जाल की खरीद पर अनुदान के रूप में धनराशि 15 हजार रूपए के मछली जाल खरीद पर 50 प्रतिशत की दर से वित्तिय सहायता प्रदान की जाती है। अनुदान की अधिकतम सीमा 7500 रूपए होगी। मछली मंडी में थोक एवं खुदरा मछली दुकान किराए पर अनुदान सहायता के तहत लाभार्थी को थोक मछली दुकान के लिए 50 प्रतिशत की दर से पांच हजार रूपए प्रतिमाह एवं वास्तविक किराए का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो, अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने मत्स्य पालकों से विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं लाभ उठाने का आह्वान किया है।

 

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