Thursday, January 20, 2022
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ये बड़ी परियोजनायें बदलेगी रेवाड़ी की तस्वीर

हरियाणा दिवस के साथ –साथ साथ आज रेवाड़ी दिवस भी है .. इसलिए आज एक नवंबर का दिन  बड़ी धूमधाम से मनाया गया.. प्रदेश भर में आज के दिन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और रेवाड़ी में भी शहर के राव तुलाराम स्टेडियम में खेल प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया ..जिसमें सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल ने कहा की हरियाणा की स्थापना होने के बाद साल दर से साल हरियाणा ने नए कीर्तिमान स्थापित किये है .. और रेवाड़ी में भी बड़े पैमाने पर विकास कार्य उनकी सरकार के कार्यकाल में कराये गए है .

हरियाणा और रेवाड़ी का इतिहास के पन्नों में महत्वपूर्ण स्थान रहा है ..हरियाणा का इतिहास वैदिक काल से आरंभ होता है। हरियाणा  पौराणिक भरत वंश की जन्‍मभूमि माना जाता है जिसके नाम पर ही हमारे देश का नाम भारत पड़ा । जिसके बाद अलग –अलग महत्वपूर्ण क्षणों को लेकर भी हरियाणा जाना जाता है . लेकिन आजाद भारत में एक नवम्बर 1966 को  हरियाणा प्रदेश अस्तित्व में आया था . इससे पहले हरियाणा पंजाब प्रान्त का हिस्सा हुआ करता था लेकिन हरियाणा के नेताओं जिसमें खासतौर पर दक्षिण हरियाणा के नेताओं की मांग पर हरियाणा को पंजाब से अलग करके 17 वां प्रदेश बनाया गया था .

हरियाणा की आबादी देश के मुकबाले केवल 2 प्रतिशत है बावजूद इसके  कृषि , उद्योग और खेलों में भी हरियाणा के खिलाडियों ने देश का नाम रोशन किया है. जिसमें  हरियाणा की बेटियों ने भी अहम योगदान निभाया है. बदलते हरियाणा की  हरियाणवी भाषा को जहाँ अखड और लड़ाकू कहकर नकार दिया जाता था ..उस भाषा को  बोलीवुड की कई फिल्मो लाया गया ..जिसकी वजह से वो फिल्मे सुपरहीट भी हुई.

राजनितिक तौर पर देखें तो हरियाणा की स्थापना के बाद पहले मुख्यमंत्री कांग्रेस के भगवत दयाल शर्मा बने..जिसके बाद कई कई उतार –चढाव आये हरियाणा की राजनीती में आये . और हरियाणा दलबदल की राजनीति से भी पहचाना गया .  अब बीजेपी – जेजेपी की गठबंधन की सरकार के मनोहर लाल मुख्यमंत्री है .

वहीँ अगर रेवाड़ी की बात करें तो रेवाड़ी पीतल नगरी , सैनिकों की खान के नाम से जाना जाता है .. रेवाड़ी जिले की स्थापना तो एक नवंबर 1989 को हुई थी लेकिन रेवाड़ी का इतिहास भी सदियों पुराना बताया जाता है. कहा जाता जाता है की यहाँ रेवत नाम के राजा हुआ करते थे जिनकी बेटी रवेती थी …और रेवती की शादी भगवान् श्री कृषण के भाई बलराम से किया गया था . और राजा ने अपने राज्य का ये हिस्सा दहेज़ के रूप में अपनी बेटी को दिया था ..और तब से ही रेवाड़ी के नाम से रेवाड़ी पहचान में आया बताया गया है .लेकिन हरियाणा बनने के बाद पहले रेवाड़ी महेंद्रगढ़ जिले में हुआ करता था और फिर 1989 में रेवाड़ी जिले की स्थापना की गई थी ..

रेवाड़ी जिला बनने से पहले रेवाड़ी विधायक रघु यादव ने ही रेवाड़ी को जिला बनाये जाने की दाऊ देवी लाल सरकार में मांग की थी .. लेकिन रघु यादव ने नौकरियों में भेदभाव और पानी के बँटवारे पर इस्तीफा दे दिया था .. जिसके बाद 1989 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस की टिकट पर कप्तान अजय यादव विधायक बने थे ..जो लगातार 2014 तक विधायक रहें.. जिसके बाद बीजेपी से रणधीर सिंह कापड़ीवास और अब फिर कांग्रेस से कप्तान अजय के बेटे चिरंजीव राव विधायक है . रेवाड़ी की राजनीती में जितना बड़ा नाम कप्तान अजय यादव का है उतना ही बड़ा नाम केन्द्रीय राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह का भी है ..जो राव तुलाराम के वंशज है ..जिनका वर्चस्व पुरे दक्षिण हरियाणा में माना जाता है . जिनके पिता राव बिरेन्द्र सिंह कुछ समय के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री भी रहें थे .

रेवाड़ी नेशनल कैपिटल रीजन के दायरें में है ..जिले से दिल्ली –जयपुर नेशनल हाइवे , रेवाड़ी –रोहतक नेशनल हाइवे गुजरता है और रेवाड़ी –नारनौल नेशनल हाइवे का अभी निर्माण चल रहा है. इसके आलावा  दक्षिण हरियाणा में पीने की पानी की समस्या थी ..जिसमें बावल विधानसभा ज्यादा प्रभावित था ..जिसमें बीजेपी सरकार में नहरी पेयजल पर काफी काम किया गया है .. इससे पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में जिले में कई शिक्षण संस्थान स्थापित किये गए जिसमें मीरपुर विश्वविद्यालय और सैनिक स्कूल एक है. हालंकि आजतक सैनिक स्कूल के निर्माण काम पूरा नहीं कराया गया है .   जिले में देश का एक मात्र हैरिटेज लोकोशेड है ..जहाँ भाप के इंजनों को आज भी चालू हालत में रखा गया है .. और जो पर्यटन केंद्र भी बनाया गया है .. वहीँ रेवाड़ी जंक्शन भी काफी बड़ा जंक्शन है .जहाँ से कई दिशाओं में रेललाइन बिछाई गई है .

 

भविष्य में इन योजनाओं से बदलेगी रेवाड़ी की तस्वीर..

रेवाड़ी की तस्वीर बदलने में सबसे बड़ी परियोजना एम्स की है …जो करीबन दो साल से  ये परियोजना पाइप लाइन में है …इस परियोजना पर अबतक काम शुरू हो जाना था लेकिन जमीन को लेकर पेंच फंसा हुआ है ..उम्मीद है की आने वाले दिनों में कोई हल निकलेगा ..

दूसरी बड़ी परियोजना रैपिड मेट्रो की है ..जो रेवाड़ी के दो बड़े ओद्योगिक क्षेत्र धारूहेड़ा और बावल से निकलनी है ..जिसका काम भी जारी है .

रेवाड़ी –नारनौल नेशनल  हाईवे का निर्माण पूरा होने , शहर को पूरा बाईपास मिलने के बाद शहर की तस्वीर बदलने वाली है ..इसके आलावा रेवाड़ी –पटौदी सड़क मार्ग को फॉरलेन , रेवाड़ी महेंद्रगढ़ रोड को फॉरलेन किये जाने का काम भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है . इसके आलावा शहर के भाडावास फाटक पर ओवरब्रिज , नारनौल और महेंद्रगढ़ रोड पर  रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनने के बाद रेवाड़ी की तस्वीर बदलेगी ….अभी तक ट्रेफिक ज्यादा होने की वजह से और बाईपास पूरा ना होने के कारण ट्रेफिक जाम , शहर में पार्किंग व्यवस्था ना होने से बुरा हाल है. आज हुए कार्यक्रम में जहाँ लोगों से राष्ट्रिय एकता और स्वच्छता को अपनाने की शपथ दिलाई गई वहीँ सहकारिता मंत्री ने कहा की रेवाड़ी में ऑयल मिल और मिल्क प्लांट भी खोलेंगे .

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