Friday, January 21, 2022
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रेवाड़ी-बावल रोड़ होगा फोरलेन, पेड़ों को कटाने की अनुमति का इंतजार

रेवाड़ी से बावल का सफ़र सुगम बनाने के लिए रेवाड़ी –बावल रोड़ को फोरलेन किये जाने की स्वीकृति मिल चुकी है. अब बस टेंडर होने का इन्तजार है. जैसे ही टेंडर ऑलोट होगा काम शुरू कर दिया जायेगा. जानकारी के मुताबिक 3 जनवरी को ये टेंडर होना था लेकिन बावल रोड़ किनारे पेड़ों की कटाई की अनुमति ना मिलने के कारण टेंडर की तारीख 18 जनवरी बढ़ा दी गई थी. वहीँ वन विभाग ने पेड़ों की कटाई की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी हुई है.

 

आपको बता दें कि रेवाड़ी जिला हैड क्वाटर से  बावल उपमंडल को फोरलेन रोड़ से जोड़ने के लिए काफी लम्बे समय से मांग की जा रही थी. पहले ये सड़क रेवाड़ी – रोहतक हाइवे के दायरे में आती थी. लेकिन रेवाड़ी-रोहतक हाइवे को गंगायचा से रेवाड़ी शहर के बाहर से निकालते हुए दिल्ली –जयपुर हाइवे में जोड़ दिया गया था. तब से ही इस सड़क को फोरलेन करने की मांग की जा रही थी. जिसके बाद पिछले कुछ समय पहले रेवाड़ी-बावल रोड और रेवाड़ी – शाहांजाहपूर रोड़ को फोरलेन करने की स्वीकृति दी गई थी.

 

रेवाड़ी की इन दो सड़क के लिए 80 करोड़ रुपए का बजट 

हरियाणा सड़क एवं पुल विकास निगम लिमिटेड (HSRDC) की ओर से रेवाड़ी-शाहजहांपुर व रेवाड़ी-बावल रोड का निर्माण कार्य कराया जाना है। इन दोनों ही मार्गों को अपग्रेड किए जाने का प्रस्ताव NCR प्लानिंग बोर्ड को भेजा गया था। बोर्ड की तरफ से इन दोनों सड़कों के लिए करीब 80 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया जा चुका है। भाड़ावास रोड के निर्माण कार्य का शुभारंभ पिछले साल ही 26 नवंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बावल रैली में कर दिया था। इस मार्ग का टेंडर भी अलॉट हो चुका है, लेकिन अभी इस पर काम शुरू नहीं हुआ है। वहीं बावल रोड का टेंडर अभी तक अलॉट नहीं हो सका है।

वन विभाग की अनुमति मिला जरूरी

बावल रोड को फोरलेन बनाने के लिए वन विभाग की तरफ से अनुमति मिलना जरूरी है, क्योंकि इस मार्ग को चौड़ा करने के लिए 3400 बड़े पेड़ व 1300 छोटे पेड़ों की कटाई की जानी है। वन विभाग की ओर से इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी गई है। क्लीयरेंस रिपोर्ट आने के बाद ही टेंडर छोड़ने का काम आगे बढ़ सकता है।

 

18 जनवरी को होगा टेंडर 

एचएसआरडीसी के डीजीएम सतेन्द्र सिंह ने बताया कि रेवाड़ी के बावल रोड के लिए भी ई-टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। यह टेंडर पहले 3 जनवरी को छोड़े जाने थे, लेकिन अब नई 18 जनवरी रखी गई है। अभी कुछ दिक्कतें आ रही हैं। वन विभाग की क्लीयरेंस नहीं मिली है। क्लीयरेंस मिलने पर फाइल आगे बढ़ेगी। इस प्रक्रिया के लगभग 1 माह के बाद वर्क अलॉटमेंट से संबंधित प्रक्रियाएं पूर्ण करनी होंगी, जिसके बाद काम शुरू हो पाएगा।

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