बारिश से पहले जलभराव क्षेत्रो का डीसी ने लिया जायजा , 25 जून तक सभी चैनलों की सफाई के दिए निर्देश

बारिश से पहले जलभराव क्षेत्रो का डीसी ने लिया जायजा , 25 जून तक सभी चैनलों की सफाई के दिए निर्देश |


रेवाडी़, 2 जून। डीसी यशेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि बरसात के मौसम शुरू होने से पहले सभी चैनलों की सफाई कराएं, और यदि पम्प सैट ठीक नहीं है तो उन्हें ठीक भी कराएं। उपायुक्त यशेन्द्र सिंह बुधवार को रेवाडी जिले के जल भराव क्षेत्र व बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे थे। इस अवसर पर एडीसी राहुल हुडडा, एसडीएम रेवाडी रविन्द्र यादव, एसडीएम बावल संजीव कुमार, एसडीएम कोसली होशियार सिंह, डीआरओ राजेश ख्यालिया, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता, रविन्द्र पाल सिंह, जनस्वास्थ्य एवं अभियान्त्रिक विभाग के अधीक्षक अभियंता संजीव दूहन, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता राकेश सैनी व वीके भागोतिया, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता रविन्द्र गोठवाल व अशोक यादव, बिजली निगम धारूहेडा के उपमंडल अभियंता अवदेश, बावल बिजली निगम के उपमंडल अभियंता सतपाल, तहसीलदार बावल मनमोहन व रेवाडी तहसीलदार प्रदीप देशवाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीनाक्षी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।


डीसी ने धारूहेडा के जलभराव क्षेत्र, मसानी बैराज, बावल रोड स्थित ड्रेन, जाटूसाना ड्रेन सहित जिले के अन्य स्थानों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी चैनलों की सफाई का कार्य 25 जून तक पूरा करें। उन्होंने कहा कि कोरोना काल से हमें यह सबक लेना चाहिए कि हमें हर मुसीबत का सामना करने के लिए तैयार रहना है। उन्होंने कहा कि बाढ़ एक ऐसी आपदा है जो किसी भी क्षेत्र में आ सकती है, इसके लिए हमें अपनी मशीनरी को ठीक रखना होगा।
डीसी यशेन्द्र सिंह ने कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए सिचाई विभाग व जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग द्वारा पूरी तैयारियां रखी जाएं, ताकि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में कोई परेशानी न आए। उन्होंने कहा कि ड्रेन की सफाई न होने कारण नदियों का मार्ग अवरुद्ध हो जाता है, जिससे आस-पास के क्षेत्रों में पानी फ़ैल जाता है। उन्होंने कहा कि बरसात के समय में फसलों व अन्य नुकसान न हो, इसके लिए जरूरी है कि हम समय रहते आवश्यक प्रबंध कर लें।


डीसी ने कहा कि नदी का जल उफान के समय जल वाहिकाओं को तोड़ता हुआ मानव बस्तियों और आस-पास की ज़मीन पर पहुँच जाता है और बाढ़ की स्थिति पैदा कर देता है। दूसरी प्राकृतिक आपदाओं की तुलना में बाढ़ आने का पहले ही पता चल जाता है। बाढ़ आमतौर पर अचानक नहीं आती, साथ ही यह और कुछ विशेष क्षेत्रों और वर्षा ऋतु में ही आती है। बाढ़ तब आती है जब नदी जल-वाहिकाओं में इनकी क्षमता से अधिक जल बहाव होता है और जल, बाढ़ के रूप में मैदान के निचले हिस्सों में भर जाता है। कई बार तो झीलें और आंतरिक जल क्षेत्रों में भी क्षमता से अधिक जल भर जाता है।
जिला राजस्व अधिकारी राजेश ख्यालिया ने डीसी यशेन्द्र सिंह को विश्वास दिलाया कि समय रहते हुए सभी प्रबंध पूरे कर लिए जाएगें।

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