31 दिसंबर तक किसान कराये फसल का बीमा , जागरूकता के लिए गाँव -गाँव जायेगी प्रचार वैन

रेवाड़ी, 27 नवम्बर। कृषि विभाग के निदेशक जसविन्दर सिंह ने आज कृषि कार्यालय से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचार-प्रसार वाहन को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रचार वाहन जिले के गांवों का दौरा कर लोगों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में जागरूरक करेगी। इस योजना की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2020 है। निदेशक जसविन्दर सिंह ने बताया कि भारत सरकार की यह योजना हरियाणा सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा लागू की गई है।

उन्होंने बताया कि प्रथम कलस्टर में रेवाडी, पंचकुला, कुरूक्षेत्र, कैथल, सिरसा, भिवानी व फरीदाबाद जिलों मे एग्रीकल्चार इंशारेंस कम्पनी इंडिया लिमिटिड द्वरा यह योजना संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत गेहूं की फसल पर किसान द्वारा प्रति एकड़ 390 रूपए प्रीमियम अदा किया जाना है। इसी प्रकार जौ की फसल पर 255 रूपए प्रति एकड़, सरसों पर 262.50 रूपए प्रति एकड, चने की फसल पर 195 रूपए प्रति एकड तथा सूरजमुखी पर 255 रूपए प्रति एकड प्रीमियम अदा किया जाना है। उपरोक्त प्रीमियम सब्सिडी के उपरांत है तथा अधिसूचित ईकाई गांव है।

उन्होंने बताया कि प्रचार प्रसार वाहन के साथ कंपनी प्रतिनिधि भी गांवों का दौरा करेंगे। उन्होंने किसानों को आह्वान किया कि सभी किसान कंपनी प्रतिनिधि से मिलकर बीमा फसल संबंधी विस्तृत जानकारी हासिल करें ताकि फसल बीमा योजना का समुचित लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि सभी कृषकों की बीमा कवरेज भारत सरकार के पोर्टल pmfby.gov.in पर स्वीकृत होगी तथा प्रीमियम राशि केवल  NCI-Portal  के भुगतान गेटवे  Pay-Gov.  द्वारा ही भेजी जाएं। इसके लिए सभी कृषकों का आधार नंबर होना अनिवार्य है।

योजना की विशेषताएं
सरकार द्वारा इस योजना को सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक किया गया है। जो ऋणी किसान योजना में शामिल नहीं होना चाहते उन्हें अपना घोषणा पत्र संंबंधित वित्तीय संस्थान में बीमे की अंतिम पंजीकरण तिथि से सात दिन पहले तक अनिवार्य रूप से जमा करवाना होगा अन्यथा वह स्वत: ही बैंक द्वारा बीमाकृत किए जाएंगें। सभी किसान अपनी बैंक शाखा, जन सेवा केन्द्र या सीधा पोर्टल के माध्यम से फसल बीमा करवा सकते है।

आवरित जोखिम:
व्यापक आधार पर होने वाली प्राकृतिक विपदा के कारण खडी फसलों की औसत पैदावार में कमी पर क्लेम। जल भराव, ओलावृष्टिï, बादल फटना व आसमानी बिजली गिरने से प्राकृतिक आग के कारण खडी फसलों का नुकसान होने पर क्लेम। फसल कटाई के 14 दिन तक खेत में सूखाने हेतु रखी कटी फसल का चक्रवातीय वर्षा, बेमौसमी वर्षा तथा ओलावृष्टिï से हुए नुकसान का क्लेम खेत स्तर पर होगा।
इस मौके पर उपमंडल अधिकारी कृषि डॉ दीपक, सरदार सर्वजीत सिंह, राहुल, डॉ अनिल, वीरपाल सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहें।

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