ऑक्सीजन किल्लत की हक़ीकत क्या !

ऑक्सीजन किल्लत की हक़ीकत क्या !

रेवाड़ी अपडेट – जिला प्रशासन ने  आज का हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया है कि जिले में आज 223 नए पॉजिटिव केस सामने आयें है ..91 मरीज ठीक हुए है ..और 5 ओर कोरोना मरीजों ने अपनी जान गँवा दी …जिले में अब एक्टिव केसों का आंकड़ा बढ़कर 875 हो गया है . जिले में अबतक कोरोना से 104 मौत हो चुकी है.

 

ऑक्सीजन की किल्लत पर जिला प्रशासन ने बड़ा दावा किया है , चार अस्पतालों को आज स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस  भेजकर जवाब तलब किया है ,  आपको बता दें कि डीसी के आदेश पर जब इन अस्पतालों के आंकड़े जो पेश किए गए थे उनका ऑडिट करके मिलाकर किया तो सब गड़बड़ पाया गया । ऐसे में जो ऑक्सीजन की किल्लत बताई जा रही है उसपर भी सवाल खड़े हो रहे है. यहाँ अधिकारीयों ने शुरूआती तौर पर ये भी पाया है कि मेडिकल क्लेम की खातिर मरीजों को ज्यादा समय तक अस्पतालों में रखा जा रहा है.. जिसके कारण ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो रहा है .

 

.आपको बता दें कि लगातार ये शिकायतें आ रही है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण हाहाकर मचा है , लगभग सभी अस्पताल ऑक्सीजन की कमी का रोना रो रहे है….प्राइवेट व् सरकारी  अस्पताल ऑक्सीजन ना होने का हवाला देते हुए मरीजों को भर्ती तक नहीं कर रहे है  है. जिन अस्पताल में मरीज को भर्ती किया भी जा रहा है .  उन अस्पतालों में मरीजों से पहले लिखा लिया जा रहा है कि ऑक्सीजन की सप्लाई समय पर नहीं आ रही है ..अगर कोई दिक्कत होती है तो अस्पताल प्रशासन इसके लिए जिम्मेवार नहीं होगा..

 

जिले में पिछले कई दिनों से ये समस्या बनी हुई है …ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर लगातार सवाल भी उठ रहे है ..और सवाल ये भी है कि जब अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है ..तो मरीज कहाँ से खुद ऑक्सीजन सिलेंडर  लेकर आ रहे है . ऐसे में जिलाधीश यशेंद्र सिंह ने खुद जिले को मिलने वाली ऑक्सीजन और अस्पतालों में भेजे जानी वाली ऑक्सीजन के रिकॉर्ड खंगाला तो कुछ खामियां सामने आई…जिसके बाद कल रात में ही डीसी ने प्राइवेट अस्पताल संचालकों को और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर्स के साथ बैठक की …बैठक में जिन 21 अस्पतालों में कॉविड मरीजों का इलाज चल रहा है उन सभी अस्पताल से पूछता गया कि कितने मरीज अस्पताल में ऑक्सीजन पर भर्ती है और कितने सिलेंडर की आवश्यकता उन्हें पड़ रही है . जो जानकारी लेकर डीसी ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर्स की टीम बनाकर रात में ही सभी अस्पतालों का ओडिट करने के निर्देश दिए ..जिसमें चार प्राइवेट अस्पतालों के पेश किये गए आंकड़ों में अंतर पाया गया …जिन्हें स्वस्थ्य विभाग ने कारण बताओं नोटिस भी जारी किया है ..  स्वास्थ्य विभाग की ओडिट में ये भी सामने आया कि कुछ अस्पतालों ने मरीजों को लम्बे समय के लिए इसलिए भर्ती कर रखा है ताकि मेडिक्लेम लिया जा सकें..ऐसे में निजी अस्पताल भी सवालों के घेरे में आ गए है.. स्वास्थ्य विभाग ने ये भी कहा है कि जरूरत से ज्यादा डिमांड करके प्राइवेट अस्पताल वाले पैनिक फैला रहे है.

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ओडिट करके बताया कि मातिृका अस्पताल रेवाड़ी ने मीटिंग में बताया था  कि उनके अस्पताल में 5 मरीज हाई फ्लो ऑक्सीजन पर हैं , जबकि निरीक्षण करने पर हाई फ्लो पर कोई मरीज नहीं मिला।  ऑक्सीजन पर 30 मरीज हैं जबकि जांच में 18 मरीज पाए यहाँ पायें गए और वेंटिलेटर पर 2 मरीज बताए गए थे , जबकि ऑडिट करने पर एक मरीज ही पाया गया।  34 मरीज अस्पताल में भर्ती बताए गए जबकि ऑडिट के दौरान 31 मरीज ही मिले।    बाईपेप पर 2 मरीज बताए गए जबकि एक ही मरीज बाईपेप पर भर्ती था।

 

इसी तरह कैप्टन नन्दलाल अस्पताल में 34 मरीज भर्ती बताये गए थे,  जबकि ऑडिट टीम द्वारा चैक किया गया तो 14 मरीज ही पाए गए। सभी 14 मरीज को ऑक्सीजन लगी हुई थी जबकि 5 नार्मल बैड पर थे ,  जिनको दो लीटर प्रतिमिनट के हिसाब से ऑक्सीजन चल रही थी।  9 मरीज आईसीयू में भर्ती थे जबकि रिपोर्ट में शून्य मरीज दिखाए गए।  इनमें से 8 मरीजों की ऑक्सीजन 2 लीटर प्रति मिनट चल रही थी। अस्पताल द्वारा वेंटिलेटर पर 2 मरीज दिखाए गए थे जबकि एक मरीज था और ऑक्सीजन के 30 बैड बताए गए जबकि 18 बैड ही ऑडिट में पाए गए।

वहीँ  सिग्नस अस्पताल ने बताया कि उनके अस्पताल में 31 मरीज भर्ती हैं जबकि ऑडिट टीम द्वारा चैक किया गया तो 25 मरीज पाए गए। 4 मरीज आईसीयू में भर्ती थे जबकि रिपोर्ट में शून्य मरीज दिखाए गए। अस्पताल द्वारा वेंटिलेटर पर 2 मरीज दिखाए गए थे जबकि एक मरीज था। इसके अलावा वेदांता अस्पताल ने बताया कि उनके अस्पताल में 27 मरीज भर्ती हैं जबकि ऑडिट टीम द्वारा चैक किया गया तो 31 मरीज पाए गए।

 

सिविल सर्जन रेवाड़ी ने सभी चारो अस्पतालों को नोटिस जारी कटके 24 घंटे में जवाब तलब किया है कि उन्होंने प्रशासन को गलत आंकड़े पेश करके गुमराह क्यों किया . साथ ही एक कमेटी भी गठित कर दी गई है ..जो जाँच करेगी की किस अस्पताल को कितनी ऑक्सीजन की किल्लत है..

 

 

यहाँ एक सवाल ये भी है कि जब अस्पतालों में ऑक्सीजन संकट है और ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल रहे है ..तो मरीज के परिजन स्वयं कहाँ से जुगाड़ करके ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर आ रहा है..यानी कहीं ना कहीं  सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही है तभी ऑक्सीजन संकट बढ़ रहा है ..और पहुँच वाले लोग खुद ऑक्सीजन का जुगाड़ कर ले रहे है.. डीसी ने कल भी ऑक्सीजन सप्लायर के गोदाम का निरिक्षण किया था और आज शाम को भी डीसी को ऑक्सीजन सिलेंडर  रिफिल सेंटर का निरिक्षण करना है ..जहाँ पर भी टोटल ऑक्सीजन जो आई है और जो ऑक्सीजन अस्पतालों में भेजी गई है ..उसके रिकॉर्ड में अंतर बताया जा रहा है ..लेकिन अधिकारिक तौर पर अभी ये बताया नहीं गया है..

 

कुल मिलाकर डीसी यशेंद्र सिंह संकट की इस घडी में एक्शन मोड़ में है ..और स्वयं सभी इंतजामों का जायजा ले रहे है ..ताकि व्यवस्थाओं का सामान्य किया जा सकें.  इस बीच अच्छी ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए अच्छी खबर ये है कि जिले का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाकर 4 मैटिक टन कर दिया गया है . यहाँ आपको बता दें कि पहले जिले को 5 मैट्रिक टन ऑक्सीजन मिलती थी , जिसे घटाकर 3 मैट्रिक टन कर दिया गया था ..जिसके बाद केंदीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह और जिलाधीश यशेंद्र सिंह ने ऑक्सीजन का कोटा दौबारा 5 मैट्रिक टन करने की मांग की थी ..जिसके बाद अब 3 से बढाकर 4 मैटिक टन जिले का ऑक्सीजन कोटा कर दिया गया है .

 

इस बीच अच्छी ख़बर एक ओर ये है कि ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आज कदम बढाया गया है …नागरिक अस्पताल में 70 लाख रूपए की लगात से ऑक्सीजन प्लांट एक महीने में स्थापित किया जायेगा. जिससे करीबन 150 ऑक्सीजन सिलेंडर प्रतिदिन नागरिक अस्पताल को मिल पायेंगे.

जीवली बाजार व्यापार मंडल ने स्वयं आज दोपहर से सोमवार शाम तक दुकाने बंद करने का फैसला लिया है ..साथ ही बाकी दुकानदारों से भी आहवान किया है की कोरोना महामारी से बचाव के लिए वो भी स्वयं बाजार बंद का फैसला लें.

 

वहीं पूर्व मंत्री कप्तान अजय सिंह द्वारा ने कि ऑक्सीजन की किल्लत के चलते प्रशासन ने कुछ अस्पतालों को छोड़कर सभी को कहा है कि प्रशासन की अनुमति के बिना किसी को भर्ती ना करें..यानी इलाज की बजाये लोगों को तड़पता छोड़ने की बात यहाँ की जा रही है .. उन्होंने नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बनाने की योजना पर प्रशासन की तारीफ कि है कि देर आये दुरुस्त आयें ..साथ ही कहा है कि अस्थाई अस्पताल की फिलहाल जिले में जरूरत है ..जिसे भी बनाना चाहिए .

 

 

वहीँ कोरोना से जुडी आपराध की खबर ये है कि पुष्पांजली अस्पताल में कोरोना से एक मरीज की मौत होने पर परिजनों हंगमा किया और डॉक्टर स्टाफ के साथ मारपीट की ..जिस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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