मंत्री की बैठक में कॉविड नियमों की उड़ाई धज्जियाँ , बैठक में कौन-कौन सी समस्याएं रखी गई देखें

COVID के कारण काफी समय से जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक का अयोजन नहीं कराया जा रहा था  ,लेकिन अब COVID के केसों में कमी आने से काफी गतविधियों को नियम और शर्तों पर चालू कर दिया गया है ।  लेकिन इन नियमों का कहीं भी पालन नहीं हो रहा है । सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओपी यादव की अध्यक्षता में रेवाड़ी के बाल भवन में हुई जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में भी COVID नियमो की जमकर धज्जियां उड़ाई गई।

तस्वीरों में आम देख सकते है कि मंत्री के सामने फरियादियों की लाइन लगी है। और शिकायत देने के लिए मारामारी मची है।  राज्यमंत्री ओपी यादव से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अब हम सबको COVID के साथ ही जीना है । उन्होंने कहा कि वो तो गाइडलाइन के मुताबिक ही चल रहे है , लेकिन जनता नहीं मान रही है।  

आपको बता दें कि सरकार खुद कह रही है कि खतरा कम हुआ है, लेकिन खत्म नहीं हुआ है ।  इसलिए सावधानी बरतनी जरूरी है । ऐसे में जब सरकारी कार्यक्रमों में ही ये हाल रहेगा तो निजी कार्यक्रमों में लोग कैसा नियमों का पालन करेंगे ये समझा जा सकता है , यहां आपको ये भी बता दें कि इस बैठक में अलग – अलग विभागों के 27 परिवाद रखें गए । मंत्री ने मीडिया से बातचीत में तो बोल दिया कि सभी परिवादो का समाधान करा दिया गया है । लेकिन बैठक में ये निर्देश दिए गए है कि लंबित परिवादों को जल्द निपटाए और अगले माह होने वाली बैठक से पहले समस्या का समाधान हो जाना चाहिए।

आज जो परिवाद रखें गए है उनमें एक परिवाद ऑक्सीजन समय पर ना पहुंचने से विराट अस्पताल में मरीजों की मौत के मामले का है । परिवादी ने कहा है कि 48 घंटे में जांच की बात प्रशासन ने उस वक्त कहीं थी लेकिन आज 48 दिन का वक्त बीत गया है ।  और ना ही उन्हें जांच में शामिल किया गया है । जिसपर राज्यमंत्री ने कहा है कि अगले 15 दिनों में जांच पूरी करके उचित कार्रवाई कराई जाएगी । वहीं इलाज और दवाइयों के नाम पर ज्यादा पैसे वसूले के मामले में बताया गया कि एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है । पीड़ित शिकायत करें ताकि जिला प्रशासन कार्रवाई कर सकें ।

एक परिवाद गांव सुमो कातोपुरी के स्कूल का भी उठाया गया , जहां स्कूल को अपग्रेड करें किए पांच साल बात गए है लेकिन पांच सालों से पांचवीं क्लास की तरह ही स्कूल को चलाया जा रहा है । आपको बता दें कि स्कूल को अपग्रेड कराने के लिए गांव ने लंबा संघर्ष किया था और मुख्यमंत्री ने तत्कालीन शिक्षामंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री को भेजकर स्कूल को अपग्रेड करने की घोषणा की थी । लेकिन आज पांच साल बाद स्कूल अपग्रेड तो हुआ पर सुविधा कोई नहीं मिली है। जिससे शिक्षा विभाग कार्यशैली पर बड़ा सवाल है .

इसके अलावा प्रॉपर्टी , पेंशन , सरकारी राशन सहित अन्य शिकायतों पर भी बैठक में सबंधित विभागो के अधिकारियों ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। 

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