राष्ट्रीय

कोख में कत्ल का सौदा, अंतर्राज्यीय गिरोह पर PNDT टीम कर रही कार्रवाई

कोख में कत्ल का सौदा, अंतर्राज्यीय गिरोह पर PNDT टीम कर रही कार्रवाई

समाज और इंसानियत को कलंकित करने वाले सौदागर पैसों की खातिर कोख में ही बेटियों का क़त्ल कर रहे है. हालाँकि पीएनडीटी एक्ट के तहत बनाई गई टीम लगातार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. और शासन – प्रशासन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लोगों को जागरूक भी कर रही है. बावजूद इसके कोख में क़त्ल करने का काला धंधा फलफूल रहा है. पिछले कुछ समय में सामने आये मामलों में सामने आया है कि रेवाड़ी में भी अंतर्राज्यीय गिरोह सक्रीय है. इस गिरोह के दलाल रेवाड़ी में सैटिंग करते है और फिर दूसरे प्रदेशों में जाकर गर्भपात कराते है.

 

ऐसे ही एक गिरोह दलाल के खिलाफ थाना शहर पुलिस ने केस दर्ज किया है. गिरोह के सदस्य अंकुर ने पहले पीएनडीटी एक्ट के तहत काम करने वाली टीम के साथ लिंग जांच का सौदा किया और फिर खाते में पैसे ट्रांसफर कराने के बाद टरकाने लगा। उसने उत्तर प्रदेश के बिजनौर में लिंग जांच कराने का भरोसा दिया था। सिटी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।

पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. विशाल राव के अनुसार, रेवाड़ी में काफी सारे ऐसे लोग एक्टिव हैं, जिनके तार राजस्थान, यूपी व दिल्ली में बैठे लिंग जांच करने वाले गिरोह से जुड़े हुए हैं। ऐसे लोग रेवाड़ी में सौदा करते है और फिर दूसरे राज्यों में ले जाकर जांच कराते हैं। इसके साथ ही भ्रूण हत्या भी की जाती हैं। इन्हीं गिरोह में शामिल अंकुर नाम के शख्स के बारे में विभाग को पता चला था। उससे संपर्क किया गया और फिर उसने 7 हजार रुपए खाते में डलवा लिए। बाद में वह लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम को टरकता रहा, जिसकी रिकॉर्डिंग से लेकर अकाउंट में ट्रांसफर की गई राशि की डिटेल उनके पास है। इसी आधार पर उसके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।

 

रेवाड़ी सिविल सर्जन को गिरोह की जानकारी मिली थी। उन्होंने पीएनडी के नोडल अधिकारी डॉ. विशाल राव के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम में डॉ. विशाल राव के अलावा डॉ. अविनाश यादव, डॉ. योगेश यादव व डिलिंग क्लर्क अनिल कुमार को शामिल किया गया। टीम ने एक डिकॉय पेशेंट तैयार करके उसका संपर्क अंकुर से कराया। अंकुर ने लिंग जांच कराने की हामी भर दी। इसकी एवज में उसने दलाली के नाम पर 7 हजार रुपए मांगे। डिकॉय पेशेंट ने नकद देने की बात की तो अंकुर ने मना कर दिया। उसके बाद डिलिंग क्लर्क अनिल कुमार के जरिए आरोपी अंकुर द्वारा दिए गए फोन-पे के नंबर पर 7 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। अंकुर ने भरोसा दिया कि वह लिंग जांच करने वाले के संपर्क में है। जल्द ही उन्हें जगह और तारीख बता देगा। उस दिन लिंग जांच करा दी जाएगी। इस बीच 17 अक्टूबर को आरोपी अंकुर ने कहा कि अगर जांच के दौरान लड़की मिली तो फिर गर्भपात भी कराना होगा। इसके लिए 5 हजार रुपए अलग से देने होंगे।

कई बार रेड हो चुकी सफल

रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कई राज्यों में कार्रवाई की है, जिसमें यूपी व राजस्थान अहम है। पिछले एक साल के दौरान इन दो राज्यों में 4 से ज्यादा मामला पकड़े गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लिंग जांच गिरोह पर पैनी नजर रख रही है। यहीं कारण है कि कुछ सालों के मुकाबले रेवाड़ी में लिंगानुपात में भी सुधार आया है।

Back to top button