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Meta (Facebook) ने खुश किया भारतीय महिलाओं को, जाने कैसे

Meta (Facebook) ने खुश किया भारतीय महिलाओं को, जाने कैसे

Meta (Facebook) ने भारत में अपने प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई सारे सेफ्टी फीचर्स पेश किए हैं। मेटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारत देश की महिलाओं की सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए एक नई पहल शुरू की है. इस पहल में कंपनी ने तीन कोशिशें की हैं जिनमें एक नया प्लेटफॉर्म, भारतीय भाषाओं में वुमन्स सेफ्टी हब को उपलब्ध कराना और कंपनी के ग्लोबल वुमन्स सेफ्टी एक्सपर्ट अड्वाइजर्स में भारतीय सदस्यों को शामिल करना है. अब खास भारतीय महिलाओं के लिए इस प्लेटफॉर्म को हिन्दी, मराठी, पजनबी, गुजराती, तमिल, तेलेगु, उर्दू, बंगाली, उड़िया, असमिया, कन्नड़ और मलयालम, इन सभी भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है.

 

जिस नये प्लेटफॉर्म की हम बात कर रहे हैं, यह नॉन-कन्सेन्शुअल इंटिमेट इमेजेज (NCII) की शेयरिंग को चेक और लिमिट करता है. जिसका नाम है StopNCII.org.इसको लेकर करुणा ने कहा है कि इस प्लेटफॉर्म का मकसद किसी सहमति के बिना उसकी तस्वीरों को वायरल और शेयर होने से रोकना है। इस प्लेटफॉर्म की मदद से वो महिलायें इस प्लेटफॉर्म पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकती हैं जिनकी इंटिमेट तस्वीरें फेसबुक, लिंक्डइन, बम्बल और डिस्कॉर्ड जैसे प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट हो गई हैं. ये प्लेटफॉर्म इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक चेक रखेगा और जल्द से जल्द इनसे महिलाओं की तस्वीरों को हटवाने की कोशिश करेगा. महिलायें चाहें तो अपने केस के स्टेटस को भी इस प्लेटफॉर्म पर चेक कर सकती हैं.

 

 

मेटा के मुताबिक भारत की महज 33 फीसदी महिलाएं ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 67 फीसदी है। महिलाओं के सोशल मीडिया पर नहीं आने के पीछे सबसे बड़ा कारण सेफ्टी है। उन्हें हमेशा अपनी तस्वीरों के गलत इस्तेमाल होने का डर रहता है। द वुमन्स सेफ्टी हब एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसमें महिला लीडर्स, पत्रकारों और शोषण का सामना कर चुकी महिलाओं के लिए कई सारी खास रिसोर्सेज होते हैं. इस साइट पर आने वाले विजिटर्स को लाइव सेफ्टी ट्रेनिंग के लिए रजिस्टर करने का मौका मिलता है. इसमें विडियो-ऑन-डिमांड सेफ्टी ट्रेनिंग का भी ऑप्शन मिल रहा है.

 

 

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