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कॉन्स्टेबल मुकेश यादव को वीरता पदक से किया गया सम्मानित

कॉन्स्टेबल मुकेश यादव को वीरता पदक से किया गया सम्मानित

सीमा सुरक्षा बल में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत रेवाड़ी के गांव चांदनवास निवासी मुकेश यादव को आतंकवादियों से लड़ते हुए गोलियों की बौछार के बीच अपने साथी जवानों की जान बचाने के लिए राष्ट्रपति ने वीरता पदक से सम्मानित किया है। अदम्य साहस दिखाते हुए मुकेश यादव ने अपने साथी जवानों को समय पर अस्पताल पहुंचाया था। मुकेश यादव को 26 जनवरी 2021 को वीरता पदक से सम्मान करने के ऐलान किया गया था. लेकिन उन्हें जैसलमेर में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वीरता पदक प्रदान किया।

आपको बता दें कि 30 अक्तूबर 2018 को रेवाड़ी के चाँदनवास गाँव निवासी मुकेश यादव कश्मीर में बीएसएफ डाक वाहन में बैठकर अपने साथियों सहित जा रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाकर बैठे आतंकवादियों ने डाक वाहन पर गोलियों की बौछार शुरू कर दी थी । हमले में व्हीकल कमांडर मोहम्मद युसूफ और अन्य जवान बुरी तरह घायल हो गए थे। गाड़ी चालक को भी गोली लगने से वह बुरी तरह घायल हो गए थे।

कॉन्स्टेबल मुकेश यादव को वीरता पदक से किया गया सम्मानित

जिसके बाद मुकेश यादव और मोहम्मद युसूफ ने आतंकवादियों का सामना करते हुए मोर्चा संभाला और मुकेश ने गोलियों की बौछार की परवाह किए बगैर अपनी जान जोखिम में डाल कर चालक की सीट संभाली और डाक वाहन को वहां से बाहर निकाल कर साथियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। मुकेश यादव ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए ना केवल आतंकवादियों का सामना किया बल्कि मुठभेड़ के बीच अपने चार साथियों को भी सुरक्षित निकाल ले गए थे। उनकी इस वीरता के लिए जैसलमेर में आयोजित कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति वीरता पदक से मुकेश यादव को सम्मानित किया है।

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