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मशरूम की खेती फायदे का सौदा , कृषि विज्ञान केंद्र ने बाताएं फायदे

मशरूम की खेती फायदे का सौदा , कृषि विज्ञान केंद्र ने बाताएं फायदे

कृषि विज्ञान केन्द्र बावल के द्वारा खुंब  उत्पादन तकनीक  पर  चार दिवसीय व्यवसायिक प्रशिक्षण शिविर हुआ आयोजित।
रेवाड़ी, 28 अगस्त।  चौधरी चरण सिंह हरियाण कृषि विश्वविद्यालय  के कुलपति प्रोफेसर बी आर कामबोज के  आह्वान व दिशा निर्देश पर फसल विविधिकरण के अन्तर्गत  कृषि विज्ञान केन्द्र बावल मे मशरूम उत्पादन  तकनीक विषय पर चार दिवसीय प्रसिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
कृषि विज्ञान केन्द्र  बावल के वरिष्ठ सयोंजक डॉ जोगिंदर सिंह यादव ने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र समय समय पर   युवाओ के लिए  स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहता है। उन्होंने बताया  कि खुम्ब उत्पादन का काम भूमिहीन युवा भी कर सकते है । इसके लिय  जमीन की जरुरत नही है।  डॉ जोगिंदर सिंह यादव ने कहा की रेवाड़ी जिले मे मशरूम की खेती अब लोकप्रिय हो रही है व इसके लिय बजार भी उपलब्ध है।   मशरूम मे उच गुणवता  का प्रोटीन  होता है। व स्वास्थय के लिय बहुत लाभदायक है।प्रशिक्षण   सयोजक  डॉ नरेन्द्र कुमार यादव  ने मशरूम उत्पादन तकनीक  की विस्तृत जानकारी  दी।
उन्होंने कम्पोस्ट बनाने की विधि व केसिग  मिश्रण  की  मात्रा के बारे मे बताया ।   डॉ नरेन्द्र कुमार ने मशरूम के जैविक और अजैविक प्रकारो  के बारे मे जानकारी दी।  पादप रोग विशेषज्ञ डॉ नरेश यादव ने  स्पान मिलाने की विधि व   मशरूम मे लगने वाली  बीमारियो के उपचार के बारे मे बताया।    कीट वैज्ञानिक डॉ बलबीर सिंह ने   मशरूम में लगने वाले  कीड़ों के बारे मे बताय  व उनके बचाव के तरीके बताये।प्रशिक्षण   के दौरान सभी प्रतिभागियों का    शैक्षणिक भ्रमण एक बड़ी खुंब उत्पादन ईकाई   पर भी  करवाया गया। बहुत ही अनुभवी मशरूम विशेषज्ञ डा० जे एन भाटिया ने अपने अनुभव साँझा करते हए बहुमूल्य जानकारी दी। इस प्रशिक्षण शिविर मे क्षेत्र के  30 युवाओ व किसानो ने हिस्सा लिया। विस्तार शिक्षा निदेशक डा० रामनिवास के मार्गदर्शन में आगे भी प्रशिक्षण आयोजित किये जाएँगे।

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