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प्रॉपर्टी आईडी : प्रॉपर्टी आईडी बनाने में भ्रष्टाचार पर सीएम सख्त

प्रॉपर्टी आईडी : प्रॉपर्टी आईडी बनाने में भ्रष्टाचार पर सीएम सख्त

हरियाणा में प्रॉपर्टी आईडी के मामले में आ रही भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर इस पर अंकुश लगाने के आदेश दिए हैं। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता को ज्वाइनिंग के पहले दिन ही मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि दो माह के अंदर नए सर्वे का डाटा अपलोड करवाएं। साथ ही निदेशालय स्तर पर बंद कमरे में डाटा अपडेट करने का काम कराया जाए। निकाय अधिकारियों की बैठक में सीएम ने यह आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रॉपर्टी आईडी से जुड़े भ्रष्टाचार में संलिप्त कर्मचारियों का पता लगाकर उन पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले कई दिनों से नई प्रापर्टी आईडी में खेल चल रहा था। कुछ मामलों में पार्षद और कंप्यूटर ऑपरेटरों की भी मिलीभगत पाई गई। इसके बाद से सरकार ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यूएलबी यानि शहरी स्थानीय निकाय विभाग के उच्च अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि प्रदेश में कोई भी नई अवैध कॉलोनी न कटे। कॉलोनियां कटने वाले जिलों और क्षेत्रों पर पैनी नजर रखें और सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई करें।

बेनामी संपत्तियों का लगेगा पता

भूमि का डिजिटल डाटा तैयार होने से प्रदेश की बेनामी संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड सरकार के पास होगा। परिवार पहचान पत्र में भी प्रदेशवासियों की प्रॉपर्टी का पूरा रिकॉर्ड अपलोड किया जा रहा है। इससे यह पता चल जाएगा कि किस व्यक्ति के पास कितनी भूमि प्रदेश में कहां, किस जिले में शहरी क्षेत्र में है। कितने व्यक्ति या परिवार प्रदेश में ऐसे हैं, जिनके पास पर्याप्त भूमि नहीं है। भूमि के अभाव में वे किराये के मकान में रह रहे हैं और अपने लिए छत का इंतजाम नहीं कर पा रहे।

रजिस्ट्रियों में भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश

प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्र की रजिस्ट्रियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए बीते कुछ समय में बड़े कदम उठाए हैं। प्रॉपर्टी आईडी को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। प्रदेश की सारी शहरी प्रॉपर्टी की आईडी बनने के बाद रजिस्ट्रियों में भ्रष्टाचार पर और अंकुश लगेगा। रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा कर सकेंगे न ही अवैध कॉलोनी काटी जा सकेंगी।

SOURCE: AMAR UJALA

 

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