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पानी के महत्व को समझकर करें इस्तेमाल, वरना आने वाले समय में हो सकते है गंभीर हालात – डीसी

पानी के महत्व को समझकर करें इस्तेमाल, वरना आने वाले समय में हो सकते है गंभीर हालात – डीसी

रेवाड़ी, 12 जुलाई। जल के अत्यधिक दोहन व जल को बेकार बहाने के कारणों से भावी युवा पीढी को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड सकता है । उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने जल शक्ति अभिमान को सफल बनाने के लिए जिले के लोगों से आव्हान किया है कि वे इस अभियान में दिल से जुड कर जल संरक्षण को बढावा दे ताकि जमीन के जल स्तर को बढाया जा सकें और भावी पीढ़ी को जल कि दिक्कत का सामना न करना पडें।

  उन्होंने कहा कि यदि समय रहते हमने  जल संरक्षण की दिशा में काम शुरू नहीं किया गया तो इसके भयंकर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिले में बहुत कम लोग ऐसे हैं जो पानी के उपयोग के बारे में सोचते हैं। यदि जल का दोहन ऐसे ही चलता रहा तो आने वाले कुछ वर्षों में जमीन का जल समाप्त  हो जाएगा। पानी को लेकर की जा गलती को सुधारने की कोई गुंजाईश नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा पानी को व्यर्थ बहा देने के कारण कुछ परिवारों को पीने का पानी भी मुश्किल से मिल पाता है। सभी अपने घर के नलों पर टुंटी लगवाएं और बिना जरूरत के उसको खुला ना छोड़ें ताकि जन स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से सभी को समान मात्रा में पानी की आपूर्ति मिल सके।

  उपायुक्त ने कहा कि जिला में जल शक्ति अभियान के तहत विभागों द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं , लेकिन बिना आम आदमी  के सहयोग के जल संचयन एवं संरक्षण की बात पूरी नहीं हो सकती इसलिए लोगों को भी स्वयं आगे आकर पानी के बचाव को लेकर कार्य करने होंगे तभी हम आने वाली पीढ़ी के लिए जल उपलब्ध करवाना  सुनिश्चित कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी लोग आज से ही बरसात के पानी का संचयन शुरू करें। बरसात का पानी हमारी समस्या का स्थाई समाधान हो सकता है। हर साल बरसात से लाखों लीटर पानी बचाकर प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा हमें अपने दैनिक कार्यों में भी कुछ छोटे बदलाव कर पानी बचाना शुरू करना होगा और पानी को व्यर्थ बहने से रोकना होगा। उन्होंने कहा कि रसोई से निकलने वाले पानी को आसान तरीके से साफ कर बाग आदि में प्रयोग किया जा सकता है। अपनी गाडी को पाईप की बजाए बाल्टी के माध्मय से साफ किया जा सकता है। सेव करते समय भी टुंटी की बजाए किसी मग में पानी लिया जा सकता है। ऐसे छोटे छोटे उपाय करके हजारों लीटर पानी बच सकता है।

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