राष्ट्रीय

नियंत्रित क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई : डीसी

नियंत्रित क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई : डीसी

उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने कहा कि जिला में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा घोषित नियंत्रित क्षेत्र में निर्माण, पुन:निर्माण करना, सडक़ बनाना, सडक़ों से पहुंच प्राप्त करना, भूमि का टुकडों में विभाजन करना, हस्तान्तरण करना या उन पर निर्माण करने के लिए संबंधित विभाग के निदेशक की अनुमति आवश्यक है।

डीसी यशेन्द्र सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जिला में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा घोषित नियंत्रित क्षेत्र में बिना अनुमति के निर्माण, भूमि का विभाजन करना व इस संदर्भ में विज्ञापन देना नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम, 1963 के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा। जो कोई भी ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अवैध रूप से प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन सख्ती से निपटेगा ताकि लोगों के मेहनत की कमाई को बचाया जा सके।

उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के उपरोक्त कार्य करेगा तो डीटीपी द्वारा पुलिस की सहायता से ऐसे निर्माण को गिराया जाएगा। इस प्रकार के अपराध के लिए न्यायालय द्वारा तीन वर्ष तक के कारावास या 10 से 50,000 रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान भी है।

यशेन्द्र सिंह ने कहा कि नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा नोटिफाइड नियंत्रित क्षेत्र रेवाडी जो कि नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम 1963 के अन्र्तगत आते है। ऐसे क्षेत्रों में सामान्य जन भी प्लाट आदि न खरीदें साथ ही कुछ व्यक्तियों द्वारा एग्रीमेन्ट पर प्लाट बेचे जा रहे हैं जो कि पूर्णतया अवैध है। अत: किसी प्रकार की प्रॉपर्टी, प्लाट व रजिस्ट्री के माध्यम से न खरीदें ।

उन्होंने बताया कि रेवाड़ी जिले में घोषित नियंत्रित क्षेत्रों की सूची विभाग की वेबसाइट  www.tcpharyana.gov.in     पर प्राप्त की जा सकती है । उपरोक्त अधिनिय से संबंधित कोई भी जानकारी या सूचना प्राप्त करने हेतु किसी भी कार्यदिवस में जिला नगर योजनाकार, कार्यालय- हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, प्रथम तल, सैक्टर -1 रेवाड़ी से सम्पर्क किया जा सकता है।

Show More
Back to top button