IGU ने कॉविड के कारण माता -पिता को खोने वाले विद्यार्थियों के लिए एक अतरिक्त सीट और निशुल्क शिक्षा देने का लिया फैसला

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर ने कोविड या अन्य कारणों से हुए अनाथ विद्यार्थियों के लिए एक अतिरिक्त सीट का किया प्रावधान
दिनांक 28 मई, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी में यूनिवर्सिटी कोर्ट की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। यूनिवर्सिटी कोर्ट किसी भी विश्वविद्यालय में सबसे उच्च स्तर की काउंसिल होती है जिसमें बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। एक अति महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यूनिवर्सिटी कोर्ट ने एक प्रस्ताव अनुमोदन किया जिसमें विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी जिनके माता-पिता का कोविड-19 के कारण निधन हो गया है, उन सब से फीस नही ली जाएगी। इसके अतिरिक्त कोविड-19 या किसी अन्य कारण से जो विद्यार्थी अनाथ हो गये है, उनके लिए विश्वविद्यालय के विभागों में दाखिले के लिए एक अतिरिक्त सीट का भी प्रस्ताव पास किया गया है तथा इनसे फीस भी नही ली जाएगी।

ये अतिरिक्त सीट उन सभी विभागों में दी जाएगी जिनके कोर्स किसी विनियामक संस्था से नही जुड़े हुए है। इसके अतिरिक्त यूनिवर्सिटी कोर्ट में विद्यार्थियों के जीवन बीमा सम्बन्धी विषय पर भी मंथन किया और यह प्रस्ताव पास किया कि विश्वविद्यालय के अधिकारी इस प्रस्ताव पर आगे की रूपरेखा तैयार करें। इन दोनो योजनाओं को विश्वविद्यालय की अगली कार्यकारिणी परिषद की नीति में रखने का प्रस्ताव भी अनुमोदन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में विश्वविद्यालय के वितीय सम्बन्धी प्रस्तावों का अनुमोदित किया गया। इसी बैठक में वार्षिक प्रतिवेदन 2019-20 को भी सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जो आॅनलाइन माध्यम से की गई जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एस.के.गक्खड़ ने विश्वविद्यालय के विकास, उपलब्धियों तथा आने वाले समय में योजनाओं की रूपरेखा रखी।

प्रोफेसर एस.के.गक्खड़ ने यूनिवर्सिटी कोर्ट को बताया कि परीक्षा सुधार, विज्ञान प्रयोगशालाओं का निर्माण, पुस्तकालय में नई पुस्तकों की खरीद व डिजिटल सुविधाओं की उपलब्धता, कोरोना काल में सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य, आॅनलाइन सेमिनार, वर्कशाॅप आदि का आयोजन, विद्यार्थियों के हित के लिए लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम की शुरूआत, नये भवनों के निर्माण सम्बन्धी योजना तथा और भी अनेक महत्वपूर्ण कार्याें का उल्लेख किया। विश्वविद्यालय कोर्ट के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रोफेसर एस.के.गक्खड़ के नेतृत्व में इन सभी उपलब्धियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। विशेषकर उन परिस्थितियों में जब विश्वविद्यालय के पास संसाधनों की कमी है और इन परिस्थितियों में भी इस तरह की उपलब्धियाॅं प्रशंसा का विषय है। इस महत्वपूर्ण बैठक में उच्चतर शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा, वित विभाग, बहुत ही महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत विद्वान जो कुलाधिपति द्वारा नामित हैं तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के डीन तथा वरिष्ठ शिक्षकों ने भाग लिया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. ममता कामरा ने सदस्य-सचिव के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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