हरियाणा

पोषण अभियान पर सवाल ? आंगनबाड़ी केंद्रों के ताले तोड़े

पोषण अभियान पर सवाल ? आंगनबाड़ी केंद्रों के ताले तोड़े

हरियाणा में करीबन तीन महीनों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है. रेवाड़ी के सुभाष चंद पार्क में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यूनियन का धरना प्रदर्शन चल रहा है. इस बीच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और उनका समर्थन करने वाली श्रमिक यूनियन ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के ताले तोड़कर खराब राशन मनमानी तरीके से बंटवाया जा रहा है. जिस मिल्क पाउडर के पैकेट का वितरण किया गया है. उसपर कोई मैन्यूफेक्चरिंग डेट नहीं है और ना ही कोई एक्स्पारी डेट दर्शाई गई है. हालांकि काफी पैकेट पर बैच नंबर दर्शाएं भी गए है।

आपको बता दें कि करीबन एक साल से आंगनबाड़ी केन्दों के जरिये महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा सरकार द्वारा मिल्क पाउडर का वितरण किया जा रहा है. जिसपर लिखा गया है कि पूरक पोषाहार कार्यक्रम के जरिये ये पाउडर दिया जा रहा है. जिसमें एक बड़ी बात ये सामने निकलकर आई है कि इस पैकेट पर कहीं भी मैन्यूफेक्चरिंग और एक्स्पारी डेट नहीं है. हालांकि ये जरुर लिखा गया कि आप इसे मैन्यूफेक्चरिंग डेट के छह महीने से तक इस्तेमाल कर सकते है. जिसके लिए बैच नम्बर पैकेट पर डालने की आवश्यकता होती है लेकिन वो भी कहीं भी दर्शायें नहीं गए है. ऐसे में ये बड़ा सवाल है कि क्या बच्चों को एक्स्पारी डेट का मिल्क पाउडर पिलाया जा रहा है.

पोषण अभियान पर सवाल ? आंगनबाड़ी केंद्रों के ताले तोड़े

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ़ूड एंड सेफ्टी कानून में खुले में बेची जाने वाली कुछ चीजों पर भी मैन्यूफेक्चरिंग और एक्स्पारी डेट लिखना अनिवार्य है. जैसे स्वीट शॉप पर मिठाई लेने आयें ग्राहक को ये जानने का अधिकार है कि वो मिठाई कब बनी और कबतक खाने में उसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होगी. लेकिन यहाँ तो बंद पैकेट पर ही ये जानकारी दर्शाई नहीं गई है.

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनसे आगनबाडी केन्द्रों की चाबी ना मांगकर केद्रों के ताले तोड़कर राशन को बांटा गया है. जो राशन ख़राब हो चूका है. साथ ही उन्होंने इस मामले में जाँच के बाद कार्रवाई करने की भी मांग की है.

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