हरियाणा

महिलाओं को दिया जा रहा 3 लाख तक का ऋण

महिलाओं को दिया जा रहा 3 लाख तक का ऋण

महिला विकास निगम द्वारा महिलाओ को स्वावलम्बी बनाने के लिये बैंकों के माध्यम से तीन लाख रुपये तक का ऋण दिलवाने की योजना शुरू की गई है. ताकि पात्र महिलाएं व्यक्तिगत कारोबार स्थापित कर सके.

 

जिन विधवा महिलाओं की वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक है तथा आयु 18 वर्ष से 55 वर्ष है. वे इस स्कीम के लिये पात्र होंगी. उन्होंने बताया कि बैंक ऋण के ऊपर लगे ब्याज की प्रतिपूर्ति हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा सब्सिडी के रूप में की जायेगी. जिसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये व अवधि 3 वर्ष होगी.ये ऋण सिलाई, कढ़ाई, बुटीक, ऑटो, ई रिक्शा, मसाला, आचार, इकाइयां, खाद्य प्रसंस्करण, बेकरी, रेडिमेट गारमेंट्स, आदि के लिये ऋण देने से पूर्व प्रशिक्षण भी दिया जाता है.

महिलाओं को दिया जा रहा 3 लाख तक का ऋण

अधिवक्ता ने बताया कि प्रदेश में असंगठित मजदूरों हेतु भी योजनाए है. जिसके तहत महिलाओं को बच्चे के जन्म से पहले और बाद तक सहायता राशि दी जा रही है. मजदूरों के बच्चों की शिक्षा हेतु 50,000/- वार्षिक सहायता और बच्चों के विवाह के समय  (कन्या के विवाह पर 51,000/- व लड़के के विवाह पर 21,000/- सहायता राशि) भी दी जाती है. मजदूर परिवारो को तीर्थ स्थानों पर भ्रमण हेतु सहायता राशि, व मजदूरों को वृद्ध अवस्था मे बुढापा पेंशन के अलावा 1000/- सहायता प्रत्येक माह और दिया जाता है. मजदूर महिलाओं को खुद के कपड़ो हेतु प्रत्येक वर्ष 5100/- रुपए भी दिए जा रहे हैं.

Show More
Back to top button