कृषिहरियाणा

बाजरे की खरीद ना करने से गुस्साए किसानों ने नारनौल- जयपुर रोड़ किया जाम

बाजरे की सरकारी खरीद प्रकिया बंद करने से गुस्साए किसानों ने नारनौल अनाज मंडी के सामने रोड़ जाम कर दिया और सरकार से मांग की गई कि उनकी आवक खरीदी जाएं। वहीं सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड ने कहा कि अब वो बाजरा नहीं खरीदेंगे क्योंकि सरकार ने किसानों को भावांतर योजना के तहत साढ़े चार सौ रुपए देने का एलान कर दिया है।

नारनौल -जयपुर रोड पर नारनौल अनाज मंडी के सामने किसानों ने रोड़ जाम करके रोष जाहिर किया है। सुबह किसान मंडी में आए तो मंडी का गेट बंद मिला और ना ही खरीद प्रकिया के लिए टोकन काटे जा रहे थे। जिसके बाद धीरे-धीरे किसान मंडी गेट पर एकत्रित हो गए। जिन्होंने रोड़ जाम करके बाजरा खरीद किए जाने की मांग की। आपको बता दें कि बाजरा का एम एस पी सरकार ने 2350 रूपय प्रति किवंटल निर्धारित किया हुआ है।

अब तक सरकारी एजेंसी हैफेड और वेयर हाउसिंग बाजरे की खरीद कर रही थी। लेकिन आज जब से खरीद प्रकिया बंद की गई तो किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने कहा कि अभी अगली फसल की बिजाई का समय है। लेकिन उन्हें बाजरे को बेचने के लिए यहां रोड़ पर बैठना पड़ रहा है।

करीबन दो घंटे से किसान रोड़ जाम करके बैठे हुए। मौके पर पुलिस प्रशासन और तहसीलदार किसानों को समझाने का प्रयास कर रहे है। लेकिन किसान बाजरा खरीद किए जाने की मांग पर अड़े हुए। हैफेड के अधिकारी ने कहा कि अब किसान प्राइवेट में बाजरा बेचे। सरकार भावंतर के तहत साढ़े चार सौ रुपए देगी।

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