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भारत में भी अब शुरू होने जा रहा पानी में चलता फिरता फाइव स्टार होटल, इस दिन पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

यह क्रूज 62 मीटर लंबा, 12 मीटर चौड़ा है और आराम से 1.4 मीटर के ड्राफ्ट के साथ चलता है। इसमें तीन डेक हैं। 36 पर्यटकों की क्षमता वाले बोर्ड पर पर्यटकों के लिए एक यादगार और शानदार अनुभव प्रदान करने के लिए सभी सुविधाओं से युक्त 18 सुइट हैं।

भारत में अब पर्यटक रिवर क्रूज का भी आनंद उठा सकते है। पीएम मोदी 13 जनवरी को वाराणसी में विश्व के सबसे लंबे रिवर क्रूज ‘एमवी गंगा विलास’ को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। गंगा विलास रिवर क्रूज की यात्रा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से शुरू होकर बांग्लादेश के रास्ते असम के डिब्रूगढ़ में खत्म होगी। ये क्रूज 51 दिनों में लगभग 3,200 किलोमीटर की यात्रा तय करेगा।

भारत में होगी नए युग की शुरुआत

एमवी गंगा विलास रिवर क्रूज दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज है। विश्व में यूरोप रिवर क्रूज जहाजों के मामले में लगभग 60 प्रतिशत भागीदारी के साथ विकास कर रहा है। गंगा विलास रिवर क्रूज भारत को दुनिया के रिवर क्रूज मानचित्र में स्थान दिलाएगा। इसके लॉन्च होने के साथ रिवर क्रूज की विशाल अप्रयुक्त क्षमता के इस्तेमाल की शुरुआत होगी।

इसकी सफलता से उद्यमियों को देश के अन्य हिस्सों में रिवर क्रूज का लाभ उठाने के लिए उत्साहित होने की संभावना है। यह रिवर क्रूज लगभग 50 दिनों में देश की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और इसकी विविधता के खूबसूरत पहलुओं की खोज करने का एक अनूठा अवसर है। इस तरह के बड़े पैमाने के आयोजनों से भारत अपनी क्रूज क्षमता को हासिल करने में सक्षम होगा और देश वैश्विक क्रूज हब बन सकता है।

गंगा विलास रिवर क्रूज में खर्च

गंगा विलास रिवर क्रूज पानी में चलता फिरता फाइव स्टार होटल है। गंगा विलास क्रूज आत्मनिर्भर भारत का उदाहरण है। इसका इंटीरियर देश के कल्चर और हैरिटेज को देखकर डिजाइन किया है। यह क्रूज 62 मीटर लंबा, 12 मीटर चौड़ा है और आराम से 1.4 मीटर के ड्राफ्ट के साथ चलता है। इसमें तीन डेक हैं।

36 पर्यटकों की क्षमता वाले बोर्ड पर पर्यटकों के लिए एक यादगार और शानदार अनुभव प्रदान करने के लिए सभी सुविधाओं से युक्त 18 सुइट हैं। यह क्रूज प्रदूषण मुक्त प्रणाली और शोर नियंत्रण तकनीकों से लैस है। यात्री गंगा विलास की वेबसाईट पर जाकर इस रिवर क्रूज टिकट बुक करवा सकतें है। इस क्रूज में 4 दिनों की यात्रा के 75 हजार रुपए लगेंगे तो वही 8 दिनों की यात्रा का खर्च 4 लाख रुपए से ज्यादा का होगा।

इन स्थानों का होगा भ्रमण

गंगा विलास क्रूज की यात्रा गंगा एवं ब्रह्मपुत्र नदी पर जारी रहेगी। इस जहाज में यात्रा करने वाले पर्यटक इन दोनों नदियों के किनारों पर स्थित प्रसिद्ध शहरों और पर्यटन क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे। ये क्रूज 50 प्रमुख पर्यटन स्थलों का दौरा करेगा, जिसमें वाराणसी की प्रसिद्ध गंगा आरती जैसे विरासत स्थल और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान व सुंदरबन डेल्टा जैसे अभयारण्य शामिल हैं। यह मायोंग को भी कवर करेगा, जो अपनी तांत्रिक विद्या के लिए जाना जाता है।

यात्री बिहार स्कूल ऑफ योग और विक्रमशिला विश्वविद्यालय भी जाएंगे, जिससे उन्हें आध्यात्मिकता व ज्ञान से समृद्ध भारतीय विरासत से रूबरू होने का मौका मिलेगा। बांग्लादेश में ये क्रूज लगभग 1,100 किलोमीटर की यात्रा करेगा। भारत आजादी का अमृत महोत्सव के माध्यम से अपनी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष का उत्सव मना रहा है, ऐसे में हम भारत की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक वैभव को प्रदर्शित करने के लिए नदी परिभ्रमण जैसे अभिनव पर्यटन उत्पाद प्रस्तुत कर रहे हैं।

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