कोरोना का इलाज कर रहे अस्पतालों को रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य – डीसी

  • कोरोना का इलाज कर रहे अस्पतालों को रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य – डीसी
  • दवाइयों की दुकाने में कोरोना से संबधित दवा की रेस्ट लिस्ट लगाएं .

रेवाड़ी 4 मई। उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने कहा है कि कोरोना आज एक आपदा बनकर हम सभी के सामने खड़ी है। हमें अपने बेहतर प्रबंधन के जरिए लोगों को हर संभव सहायता देते हुए उनका मनोबल बढ़ाना है। इसके लिए अधिकारी दिन-रात अपने सेवा भाव के साथ कोरोना की इस लड़ाई में जुट रहें।   डीसी यशेन्द्र सिंह ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए की लॉकडाउन के दौरान पूर्ण गंभीरता बरतें और बगैर किसी कार्य के बाहर निकले लोगों पर कार्रवाई भी करें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक कोविड का इलाज करने  वाले अस्पतालों के बाहर इलाज के लिए रेट लिस्ट अवश्य चिपकी होनी चाहिए। इसी प्रकार दवाईयों की दुकानों पर भी कोविड से संबंधित दवाईयों की रेट लिस्ट लगी हुई होनी चाहिए। प्रत्येक अस्पताल मरीजों से उतनी ही फीस वसूलें जितनी फीस निर्धारित की गई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी रखें और निजी अस्पतालों को निर्देश भी जारी करें और समय-समय पर उनका औचक निरीक्षण भी करें।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अधिक से अधिक टेस्टिंग करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि जिन भी लोगों में कोविड-19 के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तुरंत उनकी टेस्टिंग करवाई जाए और समय पर टेस्ट रिपोर्ट उपलब्ध हो ताकि संक्रमण को ज्यादा फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग रिपोर्ट जल्द से जल्द उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ताकि मरीज को इलाज कराने में परेशानी न आए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह घरों में आइसोलेट होकर इलाज कर रहे लोगों को सभी जरूरी दवाओं की किट उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि चिकित्सक समय से प्रत्येक मरीज का फॉलोअप करें और उन्हें बताएं कि आप अपने परिवार के लिए कितने जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य की देखरेख करना हम सभी का फर्ज है और हमें इसके लिए आपदा के इस दौर में बेहतर प्रबंधन खड़ा करना है। उन्होंने आयुष विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वह प्रत्येक व्यक्ति तक इम्यूनिटी बूस्टर अवश्य पहुंचाएं ताकि लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा की जा सके।

उन्होंने कहा कि हमें कोविड-19 को खत्म करने के लिए सबसे पहले संक्रमण की चैन को तोडऩा होगा। लॉकडाउन को गंभीरता के साथ लागू करवाना है और लोगों को समझाना है कि अगर आप सभी लोग अपने घरों में नहीं रहे तो महामारी के फैलाव को नहीं रोका जा सकता।
उन्होंने कहा कि यह आपदा का समय है और इस समय में हमें बगैर घबराए लोगों की मदद के लिए आगे आना है। उन्होंने कहा कि सभी फ्रंटलाइन वर्करों का हौसला बढ़ाना है। स्वास्थ्य विभाग हो या पुलिस विभाग सभी मिलकर इस लड़ाई में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। ऐसे में हमें एक बेहतर प्रबंधन देकर कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई को जीतना है।

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