कृषि

धान की सुगम खरीद हेतु की गई समुचित व्यवस्था,सरकार 72 घंटों में किसानों के खातों में भुगतान के लिए प्रतिबद्ध

खरीदी गई धान तथा खरीद के लिए तैयार धान में नमी की मात्रा की जांच भी करेंगे, ताकि किसानों और खरीद एजेंसिंयों के मध्य किसी भी प्रकार के विवाद से बचा जा सके।

हरियाणा सरकार ने खरीफ विपणन सत्र 2022-23 के दौरान धान की निर्बाध और सुचारू खरीद संचालन के लिए प्रशासनिक सचिवों को जिला ईंचार्ज के रूप में तैनात किया है। ये अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उन्हें अलॉट किए गए जिलों में ‌मंडियों का दौरा कर वहां सभी तैयारियों पर निगरानी रखेंगे और समन्वय स्थानपित कर ‌खरीद से संबंधित सभी कार्यों पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करेंगे।

मुख्य सचिव संजीव कौशल ने इस संबंध में आज पत्र जारी कर अधिकारियों को ‌मंडियों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं। जारी पत्र के अनुसार वीरेंद्र सिंह कुंडू को जिला ईंचार्ज के रूप में रेवाड़ी जिला सौंपा गया है। एस एन रॉय को हिसार जिला, डॉ. महावीर सिंह को झज्जर जिला, सुधीर राजपाल को पलवल जिला, डॉ. सुमिता मिश्रा को अंबाला जिला, अंकुर गुप्ता को सोनीपत जिला, अनुराग रस्तोगी को गुरुग्राम जिला, आर एस वुंडरू को महेंद्रगढ़ जिला, आनंद मोहन शरण को पंचकूला जिला और डॉ. अशोक खेमका को नूहं जिला सौंपा गया है।

इसी प्रकार, विनीत गर्ग को फतेहाबाद जिला, अनिल ‌मलिक को फरीदाबाद जिला, जी. अनुपमा को कुरुक्षेत्र जिला, ए के सिंह को पानीपत जिला, अरूण कुमार गुप्ता को यमुनानगर जिला, विजेंद्र कुमार को सिरसा जिला, डी सुरेश को चरखी दादरी जिला, राजीव रंजन को करनाल जिला, पंकज अग्रवाल को भिवानी जिला, पंकज यादव को कैथल जिला, ‌ विकास गुप्ता को रोहतक जिला तथा विजय सिंह दहिया को जींद जिला सौंपा गया है।

जिला ईंचार्ज रखेंगे निगरानी

ये जिला ईंचार्ज धान की खरीद एमएसपी पर हो रही है या नहीं, इसकी निगरानी रखेंगे। मंडियों में धान के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित करने हेतू खरीफ विपणन सत्र 2022-23 से पहले गत वर्ष के गेहूं का उठान भी सुनिश्चित करेंगे। मार्केट कमेटी और राज्य खरीद एजेंसियों के पास मॉइस्चर मीटर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

जिला ईंचार्ज इस बात का भी ध्यान रखेंगे कि मंडियों में धान का उठान प्रतिदिन होना चाहिए, ताकि नए धान के लिए पर्याप्त जगह उपलब्घ हो सके। जिला ईंचार्ज पिछले 4-5 दिनों का एच रजिस्टर भी चैक करेंगे कि उसमें सभी धान की आवक का किस्म वार ब्योरा दर्ज है या नहीं और उपयुक्त सफाई के बाद उसकी बिक्री हो गई है या नहीं। खरीदी गई धान तथा खरीद के लिए तैयार धान में नमी की मात्रा की जांच भी करेंगे, ताकि किसानों और खरीद एजेंसिंयों के मध्य किसी भी प्रकार के विवाद से बचा जा सके।

72 घंटों में किसानों के खातों में भुगतान

जिला ईंचार्ज मंडियों में पक्का फर्श, बिजली, पीने का पानी और शौचालय इत्यादि व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित करें। हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड द्वारा मक्का की खरीद हेतू मं‌डियों में ड्रायर की व्यवस्था की जाएगी, जिला ईंचार्ज इस गतिविधि की संपूर्ण निगरानी रखेंगे। मंडियों में किसानों की शिकायतें के समाधान के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जाएंगे। राज्य सरकार आई फॉर्म के अनुमोदन से अगले  72 घंटों में किसानों के खातों में भुगतान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

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