Sunday, September 19, 2021
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रेवाड़ी में बरसात के मौसम में 9 लाख पौधे लगाए जाएगें -डीसी

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रेवाड़ी में बरसात के मौसम में 9 लाख पौधे लगाए जाएगें -डीसी
रेवाड़ी, 8 जून। डीसी यशेन्द्र सिंह ने कहा है कि रेवाडी जिला में ग्रीनरी बढ़ाने के लिए बरसात के मौसम में 9 लाख पौधे लगाए जाएगें। जिसमें 3 लाख वन विभाग, 3 लाख जल शक्ति अभियान के तहत, 60 हजार स्कूली बच्चों द्वारा, 1.5 लाख फ्रूट तथा एक लाख गिलोय अश्वगंधा, मोरिंगा, तुलसी के शामिल है। डीसी यशेन्द्र सिंह आज जिला सचिवालय सभागार में पौधारोपण को लेकर वन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 1901 में रेवाडी की जनसंख्या मात्र लगभग 27 हजार थी और उस समय रेवाडी में सबसे ज्यादा ग्रीनरी थी, लेकिन आज रेवाडी शहर की जनसंख्या लगभग 3 लाख हो गई है परन्तु ग्रीनरी बढऩे की बजाय नाम मात्र की रह गई है।

हमें ग्रीनरी के बारे में सोचना होगा और आने वाली पीढिय़ों के भविष्य के लिए पौधारोपण कार्यक्रम को लगातार जारी रखना होगा। उन्होंने बताया कि रेवाडी शहर के मुख्यत: चार गेट भाड़ावास गेट, गोकल गेट, कानोड़ गेट व दिल्ली गेट है। इस दो किलोमीटर के क्षेत्र में ग्रीनरी नाम की कोई चीज नहीं है, जबकि रेवाडी का पुराना इतिहास देखे तो यह क्षेत्र हराभरा था। डीसी ने कहा कि रेवाड़ी धारूहेड़ा व बावल में नगर परिषद व नगर पालिका पौधारोपण करने का कार्यक्रम तैयार करें तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीपीओज इसके लिए रूपरेखा तैयार करें। सरकारी व पंचायती भूमि पर ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण का कार्य किया जाएं। यशेन्द्र सिंह ने कहा कि बड़ व पीपल के पेड़ ज्यादा से ज्यादा लगाएं जाएं क्योंकि 90 प्रतिशत ऑक्सीजन इनसे मिलती है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों के परिसर, औद्योगिक क्षेत्र, हुडडा व सडक़ो की ग्रीन बेल्ट में ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण का कार्य किया जाएं।

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डीसी ने बताया कि पिछले वर्ष जिला के गांव मीरपुर के श्मशान घाट व राव तुलाराम स्टेडियम रेवाडी में मियावाकी तकनीक से पौधारोपण किया गया था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी इसी तकनीक से ओर पौधे लगाएं जाएं ताकि रेवाडी जिला हरा भरा हो।
मियावाकी पौधारोपण तकनीक के अंतर्गत एक छोटी जगह पर ही ज्यादा गहरे पौधे लगाकर उसे एक प्रकृतिक जंगल का स्वरूप दिया जाता है। मियावाकी पौधारोपण तकनीक शहरी क्षेत्रों के लिए एक रामबाण कार्बन उत्सर्जन को पेड़ों के मार्फत कम करने का उत्तम तरीका है। इस तकनीक से बहुत छोटी जगह पर गहरे पौधे लगाकर हवा में उड़ रहे कार्बन को कम किया जा सकता है तथा आक्सीजन की भी मात्रा बढ़ती है।


बैठक में एसडीएम रेवाडी रविन्द्र यादव, एसडीएम कोसली होशियार सिंह, एसडीएम बावल संजीव कुमार, डीएसपी हंसराज, जिला वन अधिकारी सुंदरलाल, वन निरीक्षक संदीप, नगर पालिका सचिव धारूहेडा अनिल, नगर पालिका बावल समयपाल, ईओ हुडडा विजय राठी, एमई नगर परिषद रेवाडी अजय सिक्का, सभी बीडीपीओज मौजूद रहे।
 

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