Friday, January 21, 2022
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हरियाणा में नवंबर में 28 लाख बुजुर्गों को नही मिली बुढ़ापा पेंशन

हरियाणा में 17 जून, 1987 को चौधरी देवीलाल ने 65 साल की उम्र के लोगों के लिए 100 रुपए महीना बुढ़ापा पेंशन शुरू की थी। 1 जुलाई 1991 को योजना की आयु सीमा 60 साल कर दी। नवंबर, 1999 तक प्रदेश में 200 रुपए महीना मिलते थे। अब यह 2500 रुपए महीना है। लाभार्थी अब बड़ी उत्सुकता से पेंशन का इंतजार करते हैं, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में बहुत से लोग अपने छोटे खर्च इसी राशि से चुकाते हैं। किसी महीने पेंशन लेट हो जाएगा तो, इसका सीधा असर उनके जीवन पर पड़ता है। लेकिन एस बार नवंबर महीना बीतने में एक दिन बचा है, अभी तक सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए बजट जारी नहीं किया है। करीब 28 लाख लोग इससे प्रभावित हैं। दो दिनों में पेंशन खातों में नहीं आई तो, फिर बुजुर्गों को 17 से 20 दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।

 

 

इन वर्गों पर पड़ा ज्यादा असर

हरियाणा में हर महीने बुढ़ापा पेंशन, विकलांग, विधवा पेंशन के लाभार्थियों को हर महीने 2500 रुपए उनके खाते में मिलता है। खजाने में पैसा नहीं है या फिर बजट रिवाइज नहीं हुआ, इस पर अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। ये जरूर बता रहे हैं कि समस्या किसी एक जिले की नहीं, पूरे प्रदेश में है। 29 नवंबर तक खाते खाली हैं। लोग बैंकों के चक्कर काट कर परेशान हैं।

प्रदेश में करीब 28 लाख लोगों पर सम्मान भत्ता बजट न आने का सीधा असर पड़ा है। वर्ष 2021 में बुढ़ापा पेंशन लेने वालों की संख्या जहां 17.38 लाख के पार है। वहीं 7.50 लाख विधवा, 1.74 लाख लोगों को विकलांगता पेंशन भी हर महीने दी जाती है। लाड़ली योजना के तहत भी इन्हीं वर्गों के समान हर महीने 2500 रुपए दिए जाते हैं। आम तौर पर 17 तारीख के आसपास भत्ते जारी हो जाते हैं।

 

 

5100 का वादा

बुढ़ापा पेंशन का मामला प्रदेश में कितना प्रभावी है, चुनाव के मौके पर राजनीतिक दल इसे भुनाने का प्रयास करते हैं। 2019 विधानसभा चुनाव में जननायक जनता पार्टी (JJP) ने बुढ़ापा पेंशन की राशि हर महीने 5100 रुपए देने का वादा किया था। सरकार की ओर से हर साल इसमें 250 रुपए तक की वृद्धि की जाती है। वर्ष 2017 में पेंशन 1800 रुपए थी और अब यह 2500 रुपए हो चुकी है। ऐलनाबाद उपचुनाव में भी पेंशन बढ़ोतरी की अफवाह उड़ी, इस पर पुलिस को मामला तक दर्ज करना पड़ा।

 

Source : Dainik Bhaskar

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