वन मंत्री ने नाहड़ में सरपंचों से बातचीत कर हरियाली बढ़ाने पर किया मंथन

शिक्षा,वन एवं पर्यटन मंत्री कंवर पाल और कोसली के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने शुक्रवार को नाहड स्थित वन्य प्राणी विहार का दौरा किया और क्षेत्र के सरपंचों से संवाद भी किया। उन्होंने वन्य प्राणी विहार में सरपंचों के साथ पौधारोपण करने उपरांत गांवों के सरपंचों के साथ हरियाली बढ़ाने के बारे में मंथन किया और उनसे सुझाव भी लिए। कार्यक्रम में पहुंचने पर सरपंचों ने सामूहिक रूप से वन मंत्री और कोसली के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को सम्मान की सूचक पगड़ी पहनाई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ अमरिंदर कौर ने विभाग की ओर से दोनों महमानों का स्वागत किया और विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर वन मंत्री कंवर पाल ने कहा कि  वर्तमान समय में हम पेड़ के साथ दोस्ती कर लें, जिसमें हम सबको फायदा ही मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि धरती का श्रृंगार पेड़ों से है। किसी ने यदि कश्मीर को स्वर्ग कहा है तो वह भी पेड़ों और वहां की हरियाली को देखकर कहा है।
उन्होने  कहा  कि  जिस  प्रकृति  से हमें  सब  कुछ मिल  रहा  है  उस  प्रकृति  को  हरा  भरा  रखने  की  जिम्मेदारी  भी  हमारे  ऊपर  ही  है। हमें  प्रकृति  के  साथ  तालमेल  बिठाना  ही  होगा,  तभी  हम  कोरोना वायरस जैसी  महामारी के  प्रकोप  का  सामना  कर  पाने  में  भी  सक्षम  हो  पायेंगे । इस  बार  कोविड-19 महामारी के चलते लोगों को प्रकृति से जोडऩे  की  मुहिम  पर  अधिक  बल  दिया  जाएगा  ताकि  लोग फलदार एवं औषधीय पौधों को  पहले की  अपेक्षा ओर  अधिक  लगाने की  और  अग्रसर हो।
वन मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ समय के दौरान लोगों ने यह मान लिया कि पौधे लगाने का काम केवल वन विभाग का है जबकि इसके विपरीत यह कार्य पूरे समाज का था। वन मंत्री ने कहा कि हम सभी स्वयं पौधे लगाने, उन्हें बड़ा करने  तथा उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लें,जिसमें वन विभाग पूरा सहयोग करेगा। विभाग नर्सियों से पौधे उपलब्ध करवा सकता है, पौधों की देखभाल के बारे में जानकारी दे सकता है लेकिन पौधा लगाना और उसको बड़ा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आमजन से अपील की है कि मॉनसून सीजन में कम से कम दो पौधे लगाने का संकल्प लें और तीन चार वर्ष तक उनका रख रखाव करना भी सुनिश्चित करें, तभी हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित भारत विजन को साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा वन विभाग के माध्यम से 2020-21 के दौरान वृक्षारोपण के लिए 1 करोड 25 लाख पौधों का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि वीरों की इस भूमि से सरपंच प्रतिनिधियों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पौधे लगाने का बीडा उठाया है, उसका लाभ निश्चित रूप से क्षेत्र को मिलेगा। वन मंत्री कंवरपाल ने कहा कि हरियाणा में 3 प्रतिशत रिजर्व फॉरेस्ट है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक  ले जाने का लक्ष्य रखा गया है ।
इस अवसर पर कोसली के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि जंगल जीवन का आधार है। हम इसके लिए  हर साल पेड़ लगाते हैं। फिर भी पेड़ों का रकबा घटता जा रहा है। हम इसके प्रति गंभीर नहीं हैंं। इनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। साफ पानी व आक्सीजन हमें पेड़ों की वजह से मिलता है। उन्होंनेे ग्रामीणों से पौधारोपण का आहवान करते हुए कहा कि वे अपने या परिवार के जन्मोत्सव, सालगिरह या कोई अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में एक एक पौधा लगाकर इसे यादगार बनाएं। उन्होंने कहा कि बढ़ता प्रदूषण हम सबके लिये चिंता का विषय है और इस समस्या से हम तभी निपट सकते है जब अधिक से अधिक पौधारोपण करें। उन्होंने कहा कि भले ही हमारे पूर्वज आज के लोगों की तरह किताबी ज्ञान न रखते हों लेकिन उनकी सोच वैज्ञानिक थी और पर्यावरण हितैषी थी।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है और इसके लिए ज्यादा से ज्यादा पौधे रोपित करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अभियान से जुड़े लोगों के लिए गर्व की बात है कि इसे सार्थक बनाने के लिए पौधरोपण व उनकी परवरिश करने का संकल्प भी हम सभी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को हरी भरी धरती सौंपने के लिए हर व्यक्ति को जागरूक होना पड़ेगा, ताकि आने वाला कल भी बेहतर बन सके।
उन्होंने पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करने की पहल की सराहना की और कहा कि अब देखना है कि जिला रेवाडी के कौन से और गांव अपनी पंचायती भूमि पर बाग विकसित करने के लिए आगे आते हैं। इससे ना केवल क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी और पर्यावरण में सुधार होगा, भूजल का स्तर ऊपर आएगा बल्कि पंचायत की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी। उन्होंने सभी सरपंचों से भी कहा कि वे पौधारोपण में सहयोग कर इस क्षेत्र के पर्यावरण को सभी जीव जंतुओं के अनुकूल बनाने का प्रयास करें। साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के समय में जड़ी बूटियों के महत्व को लोग समझ गए हैं, अत: हर्बल पौधे भी लगाएं और अपने जीवन को सुरक्षित करें। इस दौरान वन मंत्री और कोसली के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने स्वयं सहायता समुहों की सदस्यों को सम्मानित भी किया।
इस मौके पर मुख्य वन संरक्षक वास्वी त्यागी, एसडीएम कुशल कटारिया,डीएफओ सुंदरलाल,सरपंच एसोसिएशन नाहड के प्रधान राकेश कुमार,वन राजिक अधिकारी हिसार विपिन ग्रोवर,वन राजिक अधिकारी नाहड अभय सिंह,वन राजिक अधिकारी रेवाडी संदीप यादव, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार, भाजपा नाहड मंडल अध्यक्ष सरदार सिंह,डा सुभाष,प्रेम प्रकाश यादव,बलजीत सिंह,पंचायत समिति सदस्य नीलम झोलरी, सरपंच नाहड प्रदीप कुमार,झाल के सरपंच दुष्यंत यादव,यशवंत शास्त्री बिसोहा सहित सभी गांवों के सरपंच और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे

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