ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए ये जरुर पढ़ें

ऑनलाइन ठगी व साईबर क्राइम को रोकने के लिए रेवाड़ी पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

इंटरनेट वर्तमान में जीवन की आवश्यकता बन गया है। इसके साथ ही साइबर अपराध के मामले भी बढ़ रहे हैं। जागरूक व सतर्क रहकर इनसे निपटा जा सकता है। पुलिस अधीक्षक रेवाडी अभिषेक जोरवाल  ने साइबर ठगों से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की। लोगों के लिए यह बेहद अहम साबित हो सकती है। कोरोना महामारी से निदान के लिए लगाए गए लॉकडाउन में लोगों ने ऑनलाइन शॉपिंग को तेजी से अपनाया है। साइबर ठग इसे सुनहरे मौके की तरह देख रहे हैं। आजकल ऑनलाइन ठगी में हैकरों द्वारा फेसबुक के जरिये कैश बैक पाने के लिए फोन पे रिवार्ड और फ्री कूपन भेजकर और कोटक महिंद्रा बैंक की फर्जी साईट बनाकर लोगों के क्रेडिट कार्ड के डिटेल उठाकर ठगा जा रहा है. इसी तरह हैकरों द्वारा एक वेबसाइट http://luluka.in.in बनाकर इस पर घरेलु सामान और इलेक्ट्रोनिक उपकरण डालकर फ्रोड किया जा रहा है.

लोगों के लिए दी सलाह।   

बैंक फ्रॉड से बचें:

  • अकाउंट नंबर, ओ टी पी, फोन कॉल पर डिटेल शेयर न करें।
  • कोई भी बैंक अथवा इंश्योरेंस कंपनी कर्मचारी कॉल करके आपसे डिटेल नही मांगता।
  • नेट बैंकिंग करते वक्त रहें सतर्क:
  • यूजर नेम व पासवर्ड शेयर न करें।
  • अधिकृत वेबसाइट का ही प्रयोग करें।
  •  इन्टरनेट कैफे में नेट बैंकिंग का प्रयोग न करें।
  • फ्री वाई फाई में नेट बैंकिंग का प्रयोग न करें।
  •  ट्रांजेक्शन लिमिट सेट करें।
  • एस एम एस अलर्ट ऑन रखें।

एटीएम फ्रॉड से बचें:

  •  डिटेल जैसे CVV, OTP नंबर तथा पिन शेयर न करें।
  •  किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें। वह एटीएम में आपका कार्ड बदल सकता है।
  •  खरीददारी के वक्त कार्ड अपने सामने स्वाईप करें।
  •  SECURE & TRUSTED WEBSITE से खरीददारी करें।
  •  किसी SUSPICIOUS VENDER के पास PAYMENT CARD SWIPE न करें।
  •  किसी भी SUSPICIOUS लिंक/ जैकपॉट/ फ्री रीचार्ज पर क्लिक न करें।
  •  फेसबुक फ्रॉड से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती न करें।
  •  न ही किसी अनजान व्यक्ति के द्वारा भेजे गए मैसेज विश्वास करें।

पर्सनल इन्फोर्मेशन शेयर न करें। अपराधी इनका इस्तेमाल करके आपका करीबी होने का नाटक कर सकता है और आपसे बैंक डिटेल मांग सकता है।

  •       सोशल नेटवर्किंग के अनजान दोस्तों से मिलने से बचें।
  •       प्राईवेसी सेट्टिंग का इस्तेमाल करें।
  •       फेसबुक पर संवेदनशील पोस्ट शेयर न करें।

अगर कोई अपरिचित व्यक्ति फोन करके किसी एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के लिए कहता है तो उसे डाउनलोड ना करें। इससे मोबाइल हैक हो सकता है।     जालसाज पहले आपके फोन में एप्लिकेशन डाउनलोड कराते हैं। फिर केवाईसी के नाम पर आपसे 1 या 10 रुपये आपके ही बैंक अकाउट में ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं। जब आप उनके कहे मुताबिक ट्राजेक्शन करते हैं तो उसी वक्त वह आपके हैक हुए फोन से आपके खाते से पैसे निकाल लेते है।

एटीएम बूथ पर पैसे निकालते समय भी सावधानी बरतने की जरूरत है। एटीएम बूथ पर अपना पिन किसी को ना बताएं और ना ही दिखाएं। अपना कार्ड भी किसी को ना दें।

  •     एटीएम बूथ में किसी अपरिचित व्यक्ति से सहायता लेने पर धोखाधड़ी की आशंका बहुत अधिक बढ़ जाती है।
  •     सबसे ज्यादा साइबर ठगी आजकल फोन पर बैंक या ई-वॉलेट कंपनी के अधिकारी बनकर हो रही है।
  •     अगर कोई बैंक अकाउंट, डेबिट या क्रेडिट कार्ड बंद होने के नाम पर बैंक खाते की जानकारी मांगे तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी से      भी यह जानकारी शेयर ना करें।
  •     ऑनलाइन नेट बैंकिग का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतें।
  •     इलाज में खर्च रकम की प्रतिपूर्ति करने के नाम पर ई-मेल, वाट्सएप मैसेज भेजकर लोगों को झांसे में ले रहे हैं। इससे बचने की         जरूरत है।
  •     शातिर बैंक खाते की पूरी जानकारी लेकर, हैक कर ऑनलाइन पैसे उड़ा रहे हैं।
  •     कई मामलों में ठगों ने ऑनलाइन शापिंग भी की है। इसे देखते हुए तकरीबन हर राज्य की पुलिस ने लोगों को अलर्ट किया है।

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