अवैध निर्माण रोकने के लिए डीसी ने टास्क फ़ोर्स के साथ की बैठक

  • अवैध निर्माण रोकने के लिए डीसी ने टास्क फ़ोर्स के साथ की बैठक,
  • बोले अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई करने एक साथ -साथ निर्माण तोड़ने में आया खर्च भी वसूल किया जायेगा .


रेवाड़ी, 8 जुलाई। डीसी यशेन्द्र सिंह ने अवैध निर्माण को रोकने के लिए आज जिला सचिवालय में नगर योजनाकार टास्क फोर्स की बैठक ली, जिसमें अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने कहा कि जिला में किसी भी क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों को बसने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति अगर इस तरह के कार्यों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माण को ध्वस्त करने में जो सरकारी खर्चा आएगा, उसकी वसूली भी संबंधित अवैध निर्माणकर्ता से वसूली जाएगी।
  उपायुक्त ने कहा कि भू-स्वामी, क्लोनाइजर सरकार द्वारा चलाई गई नई ग्रुप हाउसिंग स्कीम, दीन दयाल हाउसिंग स्कीम में आवेदन करें, जिसमें 5 एकड़ भूमि पर लाइसैंस प्रदान किया जाता है। अनुमति मिलने से सभी शहर वासियों को सस्ता मकान उपलब्ध करवा सकते हैं। आम जन से भी आह्वïान किया है कि सस्ते प्लाटों के चक्कर में भी प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में आकर अवैध कॉलोनियों में प्लाट आदि न खरीदें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो।


डीसी ने डीटीपी विभाग को निर्देश दिए कि हरियाणा सरकार द्वारा घोषित नियंत्रित क्षेत्रों में अवैध निर्माण न हो इसके लिए जिला नगर योजनाकार कार्यवाही करें तथा इसके लिए पुलिस बल की जरूरत हो तो वह विभाग को उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण गिराने से पहले उनको नोटिस अवश्य दिया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए सभी विभाग तालमेल से कार्य करें। बैठक में बताया कि अवैध निर्माण व अवैध कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ नौ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए लिखा गया है जिनमें से चार एफआईआर दर्ज हो चुकी है। विभाग द्वारा नियन्त्रित क्षेत्र धारूहेड़ा व कोसली को हरियाणा अर्बन एरिया एक्ट 1975 की धारा 7ए लागू किया गया है जो भविष्य में रजिस्ट्ररी करवाने से पूर्व डीटीपी कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करेगा।


घोषित नियंत्रित क्षेत्रों में बिना अनुमति नहीं करें निर्माण
    जिला नगर योजनाकार धर्मबीर सिंह खत्री ने बताया कि अवैध निर्माण करने व नियमों की अवहेलना करने वालों के विरूद्ध डीटीपी विभाग द्वारा निर्माण को गिराया जा सकता है। इस प्रकार के अपराध के लिए न्यायालय द्वारा 3 वर्ष तक के कारावास या 10 से 50 हजार रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान भी है। इसलिए आम लोगों को सचेत किया जाता है कि वे नियंत्रित क्षेत्रों या नगरीय क्षेत्रों में महानिदेशक, नगर तथा ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा चंडीगढ से अनुमति प्राप्त किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण, पुर्ननिर्माण या अनाधिकृत कॉलोनी की स्थापना न करें व ऐसी अनाधिकृत कॉलोनी में प्लॉट न खरीदें।


डीटीपी कार्यालय के साथ ही वेबसाइट पर प्राप्त करें जानकारी
डीटीपी ने बताया कि उक्त अधिनियमों से संबंधित कोई भी जानकारी व सूचना प्राप्त करने के लिए किसी भी कार्य दिवस में जिला नगर योजनाकार के कार्यालय में हुडा भवन, प्रथम तल, सेक्टर -1 रेवाड़ी से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा रेवाड़ी जिले में घोषित नियंत्रित क्षेत्र या नगरीय क्षेत्रों की सूचना विभाग की वेबसाइट  http://www.tcpharyana.gov.in         पर प्राप्त की जा सकती है। बैठक में एसडीएम रेवाडी रविन्द्र यादव, एसडीएम कोसली होशियार सिंह, एसडीएम बावल संजीव कुमार, सीटीएम रोहित कुमार, डीएसपी अमित भाटिया, डीटीपी धर्मबीर खत्री, डीडीपीओ एचपी बंसल, क्षेत्रानुवेशक अनिल कुमार, सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहें।

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