Thursday, September 23, 2021
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अनलॉक 4 की गाइडलाइन

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 हरियाणा सरकार ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए अनलाॅक-4 के दिशा-निर्देशों को लागू करने के लिए आज आदेश जारी कर दिए हैं। ये आदेश आगामी 30 सितंबर, 2020 तक लागू रहेंगे और हरियाणा के शहरी क्षेत्रों के बाजार स्थानों में सोमवार व मंगलवार को दुकानों और शॉपिंग मॉल को बंद करने के बारे में राज्य सरकार के आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया हुआ माना जाएगा।
इस संबंध में सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा चरणबद्ध तरीके से पुनः खोलने (अनलॉक-4) के दिशानिर्देशों के अनुसार, स्कूलों, कॉलेजों, शैक्षणिक और कोचिंग संस्थानों को छोड़कर सभी गतिविधियां को कंटेनमेंट जोन के बाहर अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, 30 सितंबर, 2020 तक छात्रों और नियमित कक्षा गतिविधियों के लिए संस्थान बंद रहेंगे।
हालाँकि, ऑनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग की अनुमति जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर, 2020 से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 50 प्रतिशत तक शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को ऑनलाइन कोचिंग/टेली-काउंसलिंग और संबंधित कार्यों के लिए एक निर्धारित समय में स्कूलों में बुलाया जा सकता है, जो कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्रों में हो। जिसके लिए, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जाएगी।
कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्रों में केवल स्वैच्छिक आधार पर कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों को अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्कूलों का दौरा करने की अनुमति दी जा सकती है। यह उनके माता-पिताध्अभिभावकों की सहमति के अधीन होगा और 21 सितंबर, 2020 से प्रभावी होगा, जिसके लिए एमओएचएफडब्ल्यू द्वारा एसओपी जारी किए जाएंगे।
राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआईएस), राष्ट्रीय कौशल विकास निगम या राज्य कौशल विकास मिशनों या भारत सरकार या राज्य सरकारों के अन्य मंत्रालयों के साथ पंजीकृत लघु प्रशिक्षण केंद्रों में कौशल या उद्यमिता प्रशिक्षण की अनुमति दी जाएगी।
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट (एनआईईएसबीयूडी), इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ एंटरप्रेन्योरशिप (आईआईई) के प्रशिक्षण प्रदाताओं को भी अनुमति दी जाएगी। इन्हें 21 सितंबर, 2020 से प्रभावी अनुमति दी जाएगी, जिसके लिए, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा एसओपी जारी किए जाएंगे। प्रयोगशाला प्रायोगिक कार्यों की आवश्यकता वाले तकनीकी और व्यावसायिक कार्यक्रमों के अनुसंधान विद्वानों (पीएचडी) और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए केवल उच्च शिक्षा संस्थानों को उच्च शिक्षा विभाग (डीएचई) द्वारा एमएचए के परामर्श से, स्थिति के आंकलन के आधार पर, और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में कोविड-19 की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अनुमति दी जाएगी। सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यों और 100 व्यक्तियों तक की अन्य सभाओं को 21 सितंबर, 2020 से अनुमति होगी, जिसमें फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्कैनिंग के प्रावधान और हैंडवाश या सैनिटाइजर का प्रावधान अनिवार्य होगा। हालांकि, 20 सितंबर, 2020 तक विवाह समारोहों में मेहमानों की संख्या 50 से अधिक नहीं होगी और अंतिम संस्कार में व्यक्तियों की संख्या 20 से अधिक नहीं होगी, इसके बाद 100 व्यक्तियों तक का नियम लागू होगा। सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर और इसी तरह के स्थान बंद रहेंगे। हालांकि, 21 सितंबर, 2020 से ओपन एयर थिएटरों को खोलने की अनुमति होगी।
उन्होंने बताया कि 30 सितंबर 2020 तक कंटेनमेंट क्षेत्रों में लॉकडाउन लागू रहेगा। ट्रांसमिशन की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से तोड़ने के उद्देश्य से केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए जिला अधिकारियों द्वारा सूक्ष्म स्तर पर जोन का सीमांकन किया जाएगा। इन कंटेनमेंट क्षेत्रों में सख्त रोकथाम उपायों को लागू किया जाएगा और केवल आवश्यक गतिविधियों की ही अनुमति दी जाएगी।
कंटेनमेंट जोन में, आवश्यक रूप से गहन संपर्क ट्रेसिंग, घर-घर जाकर निगरानी और अन्य नैदानिक हस्तक्षेप लागू होंगे। ये कंटेनमेंट जोन संबंधित जिला कलेक्टरों और राज्योंध्केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा वेबसाइटों पर अधिसूचित किए जाएंगे और सूचनाएँ केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ सांझा की जाएंगी।
केंद्र सरकार के साथ पूर्व परामर्श के बिना राज्य, केन्द्र शासित प्रदेश सरकारें किसी भी स्थानीय लॉकडाउन (राज्य जिला/ उप-मंडल/शहर स्तर) को कंटेनमेंट क्षेत्रों से बाहर नहीं लगाएंगी। पड़ोसी देशों के अधीन भूमि-सीमा व्यापार के लिए व्यक्तियों और वस्तुओं सहित अंतर-राज्य और अंतर-राज्यीय आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इस तरह के आवागमन के लिए कोई अलग अनुमति, अनुमोदन, ई-परमिट की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, सह-रुग्णता (को-मोरविटी) वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को आवश्यक और स्वास्थ्य उद्देश्यों को छोड़कर घर पर रहने की सलाह दी गई है। सभी जिला मजिस्ट्रेट इन उपायों को सख्ती से लागू करेंगे। इन उपायों का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के अनुरूप उत्तरदायी होगा।

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